उत्तरकाशी/लखनऊ: समाजवादी राजनीति के प्रमुख स्तंभ मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद खबर के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव का उत्तराखंड से गहरा पारिवारिक रिश्ता होने के कारण राज्य में भी शोक का माहौल है।
उत्तरकाशी से जुड़ा है अपर्णा यादव का मायका
अपर्णा यादव का पैतृक गांव उत्तरकाशी जिले के डुंडा ब्लॉक का सैंणी गांव है। हालांकि उनका जन्म वर्ष 1990 में लखनऊ में हुआ था। उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट उत्तर प्रदेश में राज्य सूचना आयुक्त के पद पर रह चुके हैं, जबकि उनकी मां अंबी बिष्ट लखनऊ विकास प्राधिकरण में संपत्ति अधिकारी रह चुकी हैं।
दोस्ती से शादी तक का सफर
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी वर्ष 2011 में हुई थी। दोनों पहले अच्छे मित्र थे और बाद में परिवार की सहमति से विवाह बंधन में बंधे। जहां प्रतीक यादव ने खुद को सक्रिय राजनीति से दूर रखा, वहीं अपर्णा यादव सार्वजनिक जीवन में लगातार सक्रिय रहीं।
सैंणी गांव में छाया शोक
प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिलते ही सैंणी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय ग्रामीणों ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि अपर्णा यादव का गांव से हमेशा भावनात्मक जुड़ाव रहा है और इस कठिन समय में पूरा गांव उनके परिवार के साथ खड़ा है।
सपा से बीजेपी तक का सफर
अपर्णा यादव ने वर्ष 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें रीता बहुगुणा जोशी से हार मिली। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2022 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।