नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अपने पूर्व आदेश का पालन नहीं करने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने उन्हें 10 दिनों के भीतर कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं किया गया, तो अगली सुनवाई में उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सजा का सामना करना पड़ सकता है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई।

क्या है मामला?
मामला प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत उत्तरकाशी में जारी एक टेंडर से जुड़ा है। याचिकाकर्ता मैसर्स जियारा पार्टनरशिप फर्म ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया था, लेकिन विभाग ने उसकी टेक्निकल बिड खारिज कर दी थी।
इसके बाद फर्म ने उत्तराखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। शुरुआती सुनवाई में कोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी थी। बाद में फरवरी 2026 में हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए विभाग को फर्म को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया था।
आदेश के बावजूद नहीं हुआ पालन
याचिकाकर्ता का आरोप है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया और उनकी बिड नहीं खोली। इसके बाद कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई, जिसमें मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को पक्षकार बनाया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सबसे कम बोली (Lowest Bid) होने के बावजूद विभाग उन्हें टेंडर देने के बजाय किसी अन्य को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने मुख्य अभियंता के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए नोटिस जारी किया और 10 दिनों के भीतर न्यायालय के आदेशों का पालन करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समय में आदेश का पालन नहीं किया गया, तो अगली सुनवाई में मुख्य अभियंता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सजा के संबंध में जवाब देना होगा।