काशीपुर: बरखेड़ी पांडे गांव में ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां करीब पांच साल पहले मौत हो चुके एक व्यक्ति के खिलाफ बिजली चोरी और सरकारी कार्य में बाधा डालने की एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है।

सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता जितेंद्र सिंह जीतू के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण आईटीआई कोतवाली पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग की।
पांच साल पहले हो चुकी है मौत
ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ ऊर्जा निगम की ओर से विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया है, उसकी मौत करीब पांच साल पहले ही हो चुकी है। ऐसे में मृत व्यक्ति के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज होने से ऊर्जा निगम की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि मृत व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर किन परिस्थितियों में दर्ज हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
पुलिस ने दिया जांच का आश्वासन
ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने ग्रामीणों को मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की जांच में जुटी है।