देहरादून: कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों पर पेपर लीक के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक का सिस्टम किसी रेस्टोरेंट के मेन्यू कार्ड की तरह हो गया है, जहां हर परीक्षा का अलग-अलग रेट तय है। उन्होंने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाएं निजी कंपनियों के बजाय सरकार की निगरानी में कराई जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
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‘हर परीक्षा का रेट तय है’
राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद के दौरान आरोप लगाया कि देश में पेपर लीक एक संगठित व्यवस्था बन चुकी है। उन्होंने कहा कि NEET, IIT, उत्तराखंड पटवारी भर्ती, बिहार शिक्षक भर्ती और सब-इंस्पेक्टर भर्ती जैसी परीक्षाओं के पेपर लाखों रुपये लेकर बेचे जाते हैं।
उन्होंने कहा, “अगर आपके पास पैसा है तो माफिया मोबाइल पर पेपर उपलब्ध करा देता है, लेकिन इससे उन लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाता है, जिनके परिवार उनकी तैयारी पर वर्षों की मेहनत और लाखों रुपये खर्च करते हैं।”
‘सरकारी नौकरी का दरवाजा भी पारदर्शी नहीं’
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के पांच प्रमुख रास्ते हैं—विनिर्माण, उद्यमिता, कॉर्पोरेट सेक्टर, निजी क्षेत्र और सरकारी नौकरी। उनका आरोप था कि पहले चार क्षेत्रों में अवसर लगातार कम हुए हैं, जबकि सरकारी नौकरियों में भी पारदर्शिता की जगह पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं का भरोसा तोड़ रही हैं।
रिया थापा के पिता मंच पर हुए भावुक
कार्यक्रम के दौरान NEET पेपर लीक मामले के बाद आत्महत्या करने वाली देहरादून की छात्रा रिया थापा के पिता राजेश गुरुंग मंच पर अपनी बेटी को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि परीक्षा के बाद उनकी बेटी बेहद खुश थी, लेकिन पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद वह पूरी तरह टूट गई। उन्होंने कहा कि रिया बार-बार यही कहती थी कि “पापा, हमारे साथ धोखा हुआ है।” इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। अपनी बात रखते हुए राजेश गुरुंग मंच पर फफक पड़े।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की वकालत
राहुल गांधी ने कहा कि देश में स्टूडेंट्स-सेंट्रिक और पूरी तरह सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू की जानी चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में रैंडमाइजेशन, शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि निजी कंपनियों की।
उन्होंने मांग की कि पेपर लीक के दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो और जिन छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
ऑनलाइन शिक्षक अभिनय शर्मा ने भी उठाए सवाल
कार्यक्रम में ऑनलाइन गणित शिक्षक अभिनय शर्मा ने भी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक की जवाबदेही शिक्षा मंत्री की नहीं है, तो फिर जवाबदेही किसकी है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के पूर्ण क्रियान्वयन, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और आपत्ति दर्ज कराने के नाम पर छात्रों से ली जाने वाली फीस समाप्त करने की मांग की।
बारिश के बीच भी जुटे हजारों युवा
तेज बारिश के बावजूद रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवा पहुंचे। राहुल गांधी के मंच पर पहुंचने से पहले ही पंडाल खचाखच भर गया। कार्यक्रम के दौरान कई अभ्यर्थियों ने पेपर लीक से जुड़ी अपनी पीड़ा साझा की और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग उठाई।