उधम सिंह नगर: उत्तराखंड के सिडकुल पंतनगर स्थित श्री दुर्गा फाइबर्स प्रोडक्ट्स कंपनी में कथित बाल श्रम का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संयुक्त जांच टीम की छापेमारी में फैक्ट्री परिसर से 16 नाबालिग बच्चों के मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त टीम ने फैक्ट्री में मारा था छापा
जानकारी के मुताबिक, 21 जून की रात बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), चाइल्ड हेल्पलाइन और पंतनगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री में औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान परिसर से 16 नाबालिग बच्चों को बरामद किया गया।
जांच टीम का आरोप है कि छापेमारी के दौरान फैक्ट्री प्रबंधन ने कुछ बच्चों को छत पर भारी मशीनों के पीछे और थर्माकोल के कट्टों के बीच छिपाने का प्रयास किया, ताकि वे जांच टीम की नजर से बच सकें।
काउंसलिंग और बयान के बाद हुई कार्रवाई
बाल कल्याण समिति के सदस्य गौरव तागरा की शिकायत के अनुसार, रेस्क्यू किए गए बच्चों में से पांच नाबालिगों की काउंसलिंग कर 1 जुलाई को उनके बयान दर्ज किए गए। समिति का कहना है कि बच्चों के बयान, काउंसलिंग रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया बाल श्रम कराए जाने के संकेत मिले।
इसी आधार पर समिति ने संबंधित कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की, जिसके बाद पंतनगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी।
कई पहलुओं पर हो रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि नाबालिग बच्चों को फैक्ट्री में किस परिस्थिति में रखा गया, उन्हें किस प्रकार का कार्य कराया जा रहा था और इसमें प्रबंधन या अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाल श्रम कानून के तहत कड़ी सजा का प्रावधान
बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नाबालिग बच्चों से प्रतिबंधित या जोखिमपूर्ण कार्य कराना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्थान के खिलाफ जुर्माना, कारावास और अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका क्या थी और इस प्रकरण में किन-किन लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।