देहरादून: उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को कथित आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) से जुड़े मामले में देहरादून की विशेष विजिलेंस अदालत ने नोटिस जारी किया है। अदालत ने मंत्री को 3 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से अथवा नियमानुसार अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला देहरादून स्थित विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस) की अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आया। अदालत ने शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत दलीलों पर विचार करने के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

25 जुलाई को हुई थी सुनवाई
मामले की सुनवाई 25 जुलाई को हुई थी। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि किसी भी मामले में कोई निर्णय लेने से पहले संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर मंत्री गणेश जोशी को नोटिस जारी किया गया।
3 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर तय की है। इस दिन मंत्री गणेश जोशी को अदालत के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद न्यायालय मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगा।
क्या है मामला?
मामला मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि मंत्री की घोषित आय और उनकी कथित संपत्तियों के बीच असंगति है, जिसके आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।
इस शिकायत की जांच विजिलेंस विभाग द्वारा की गई है और मामला वर्तमान में न्यायालय के विचाराधीन है। अदालत ने अभी तक आरोपों की सत्यता या किसी पक्ष की जिम्मेदारी को लेकर कोई अंतिम टिप्पणी या निष्कर्ष नहीं दिया है।
अदालत की अगली कार्रवाई पर रहेगी नजर
अब इस मामले में 3 सितंबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत में मंत्री गणेश जोशी का पक्ष सामने आने के बाद न्यायालय आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। फिलहाल यह मामला न्यायिक विचाराधीन है और आरोपों पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।