कोटद्वार: उत्तराखंड के कोटद्वार में KYC अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बालासौड़ निवासी सत्यनारायण के साथ कथित तौर पर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए बैंक प्रतिनिधि बनकर ठगी की गई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने KYC अपडेट के नाम पर जानकारी हासिल की और इसके बाद पीड़ित के बैंक खातों से अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 5,97,975 रुपये निकाल लिए।
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पीड़ित ने रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
WhatsApp कॉल कर खुद को बताया बैंक प्रतिनिधि
सत्यनारायण ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप के जरिए एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया और खाते की KYC अपडेट कराने की बात कही।
आरोप है कि बैंक प्रतिनिधि बताकर बात करने वाले व्यक्ति ने KYC प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर पीड़ित से कुछ जानकारी मांगी। उसकी बातों पर भरोसा करते हुए सत्यनारायण ने अपना ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर उपलब्ध करा दिया।
इसके बाद उनके बैंक खातों से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 5.97 लाख रुपये से अधिक की रकम निकल गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, डिजिटल साक्ष्यों की जांच
रकम निकाले जाने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
अब पुलिस ठगी से जुड़े बैंक लेनदेन, व्हाट्सऐप कॉल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए संबंधित तकनीकी जानकारी और लेनदेन का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
कोटद्वार क्षेत्र में इससे पहले भी साइबर ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। जुलाई 2026 में एक महिला के मोबाइल पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद उसके खाते से करीब दो लाख रुपये निकलने की शिकायत सामने आई थी।
KYC अपडेट के नाम पर आने वाली कॉल से रहें सावधान
साइबर अपराधी अक्सर KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या अन्य बैंकिंग सेवाओं के नाम पर लोगों से संपर्क करते हैं। ऐसे मामलों में बैंक प्रतिनिधि बनकर संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है।
किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या व्हाट्सऐप संपर्क पर OTP, PIN, पासवर्ड, CVV या बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत अपने बैंक को सूचना देने के साथ साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराना जरूरी है।