देहरादून: उत्तराखंड में स्थानीय कलाकारों के भुगतान और बाहरी कलाकारों को सरकारी आयोजनों में मंच देने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोकसंगीत बैंड पांडवाज (Pandavaas) ने 38वें राष्ट्रीय खेलों से जुड़े अपने लंबित भुगतान के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हस्तक्षेप की अपील की है। बैंड का दावा है कि दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में किए गए कार्यों का भुगतान अब तक नहीं हुआ है।

पांडवाज ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सार्वजनिक अपील जारी कर कहा है कि भुगतान के लिए वह कई स्तरों पर संपर्क कर चुका है, लेकिन करीब 20 से 21 महीने बीतने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
CM हेल्पलाइन से खेल विभाग तक संपर्क का दावा
पांडवाज के अनुसार, उसने लंबित भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, खेल विभाग, खेल मंत्री, संबंधित अधिकारियों और मुख्यमंत्री आवास स्थित हेल्पडेस्क से संपर्क किया। बैंड का दावा है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की गई पहली शिकायत बिना समाधान के बंद कर दी गई। इसके बाद दोबारा शिकायत करने के बावजूद मामला लंबित है।
बैंड का कहना है कि काम के दौरान संबंधित विभाग की ओर से बजट उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई थी और सहयोग का अनुरोध किया गया था। पांडवाज के मुताबिक, उसने परिस्थितियों को समझते हुए अपनी जिम्मेदारी पूरी की, लेकिन अब तक भुगतान नहीं मिला है।
‘विशेष सुविधा नहीं, किए काम का भुगतान चाहिए’
पांडवाज ने मुख्यमंत्री से अपील में कहा है कि वह किसी विशेष सुविधा या अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं कर रहा, बल्कि किए गए कार्य का निर्धारित भुगतान चाहता है।
बैंड ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि अन्य कलाकारों और वेंडर्स का भुगतान किया गया है तो उसका भुगतान अब तक क्यों लंबित है। हालांकि, अन्य कलाकारों या वेंडर्स को भुगतान किए जाने संबंधी इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
पांडवाज का कहना है कि उत्तराखंड में रहकर वह लोकसंस्कृति और कला के लिए काम कर रहा है। आधिकारिक माध्यमों से समाधान नहीं मिलने के बाद सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखना उसकी मजबूरी बन गया है।
UPL फाइनल में मासूम शर्मा की प्रस्तुति पर भी विवाद
इसी बीच 1 अक्टूबर को देहरादून के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर में उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) सीजन-3 के ग्रैंड फिनाले और क्लोजिंग सेरेमनी में हरियाणवी गायक मासूम शर्मा की प्रस्तुति को लेकर भी विवाद सामने आया है।
कार्यक्रम में मासूम शर्मा को बुलाए जाने का कुछ जनप्रतिनिधियों की ओर से विरोध किया जा रहा है। विरोध करने वालों की ओर से उनके पिछले उत्तराखंड दौरे के दौरान मंच से कथित अभद्र भाषा और आपत्तिजनक प्रस्तुति का हवाला दिया जा रहा है।
हालांकि, मासूम शर्मा को कार्यक्रम के लिए कितनी राशि का भुगतान किया गया है और क्या वास्तव में उन्हें एडवांस भुगतान किया गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी आयोजक पक्ष की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए इस संबंध में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
स्थानीय कलाकारों को लेकर उठे सवाल
पांडवाज के लंबित भुगतान और UPL के समापन समारोह में बाहरी कलाकार को बुलाए जाने को लेकर अब स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने और सरकारी आयोजनों में कलाकारों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
पांडवाज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। बैंड को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उसके लंबे समय से लंबित भुगतान का समाधान हो सकेगा।
फिलहाल पांडवाज के दावों पर संबंधित विभाग या सरकार की ओर से आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भुगतान की वास्तविक स्थिति और लंबित बिलों के निस्तारण की स्थिति विभागीय रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी।