उधमसिंह नगर: किच्छा में स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर हुए विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने अपने साथ बदसलूकी और थप्पड़ मारे जाने का आरोप लगाया है। वहीं, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने बेहड़ पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया है। विवाद के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के आमने-सामने आने के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचने पर उठे सवाल
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने सिडकुल चौकी से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि तिलकराज बेहड़ पिछले कई दिनों से लगातार बयानबाजी कर रहे थे और चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे। शुक्ला ने दावा किया कि उन्हें आशंका थी कि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, ये आरोप शुक्ला के राजनीतिक दावे हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शुक्ला ने बेहड़ के मतदान के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचने पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेटियां रखी जानी थीं और सुरक्षा व्यवस्था के तहत वहां पर्दे लगाए जा रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, बेहड़ ने स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लगाए जा रहे पर्दों को लेकर आपत्ति जताई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच विवाद बढ़ गया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े व्यक्ति का दावा
राजेश शुक्ला ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि जब तिलकराज बेहड़ स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचे थे, तब उनके साथ लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा एक अपराधी भी मौजूद था। शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि बेहड़ की स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचने की मंशा मतपेटियों पर कब्जा करने की थी।
हालांकि, इस दावे की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी में पुलिस या किसी आधिकारिक एजेंसी की ओर से ऐसा कोई पुष्ट बयान सामने नहीं आया है, जिससे इस आरोप की पुष्टि होती हो। इसलिए इसे पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।
बेहड़ ने लगाया बदसलूकी और थप्पड़ मारने का आरोप
दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम विवाद के दौरान उनके साथ बदसलूकी की गई और उन्हें थप्पड़ मारा गया। कांग्रेस पक्ष ने घटना को लेकर विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।
घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से धरना और विरोध प्रदर्शन किए जाने की जानकारी सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के समर्थकों को अलग किया।
शुक्ला ने जताई जान को खतरे की आशंका
राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके समर्थकों की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं गई। उन्होंने दावा किया कि यदि उनके समर्थक वहां मौजूद नहीं होते तो उनकी जान को खतरा हो सकता था।
दूसरी ओर, कांग्रेस पक्ष ने बेहड़ के साथ हुई कथित मारपीट और बदसलूकी को लेकर सवाल उठाए हैं। मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
पुलिस की मौजूदगी में संभाली गई स्थिति
किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान मतदान के बाद स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर हुए घटनाक्रम ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बनने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
फिलहाल मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप सामने आए हैं। खास तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े व्यक्ति की मौजूदगी का दावा गंभीर है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। मामले में पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की आधिकारिक जांच अथवा बयान से ही इन आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।