ऊधमसिंह नगर: उत्तराखंड के बाजपुर में फर्जी दस्तावेज तैयार करने के कथित रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की बरखेड़ा नगर पंचायत के चेयरमैन श्याम बिहारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं।

आधार और सरकारी प्रमाणपत्रों में हेरफेर का आरोप
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित गिरोह आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र समेत अन्य सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था।
पुलिस को आशंका है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कथित तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, स्थानीय पहचान स्थापित करने और अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
संदिग्ध दस्तावेज से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत एक संदिग्ध दस्तावेज की जानकारी सामने आने के बाद हुई। बाजपुर पुलिस ने दस्तावेज की जांच शुरू की तो मामले की कड़ियां आगे बढ़ती गईं। इसके बाद पुलिस ने कथित रैकेट से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान श्याम बिहारी का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आए कई और नाम
सीओ अखलेश कुमार के अनुसार, मामले में पूछताछ के दौरान कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनका इस्तेमाल करने के पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले में अन्य प्रभावशाली लोगों की संभावित भूमिका की जांच की जा रही है। किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
नौ लोगों के खिलाफ FIR
मामले में तहसील के राजस्व निरीक्षक अजमल खान की तहरीर पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत चार महिलाओं समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है और दस्तावेजों के स्रोत, उनके सत्यापन तथा कथित तौर पर तैयार किए गए प्रमाणपत्रों की वैधता की जांच की जा रही है।
उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक जांच का दायरा
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच के आधार पर मामले की कड़ियां उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से भी जुड़ने की आशंका है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसके जरिए कितने दस्तावेज तैयार किए गए।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के साथ अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।