देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम खराब होने के कारण चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। केदारनाथ और श्रीनगर में हेलिकॉप्टर सेवाएं भी प्रभावित रहीं। वहीं देहरादून एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण कई उड़ानों को डायवर्ट या रद्द करना पड़ा।

गढ़वाल मंडल प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए शनिवार दोपहर से चारधाम यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया। गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पहले ही सुबह से रोक दी गई थी। यात्रा स्थगित होने के बाद एआरटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी रोक दी गई है। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों और ट्रांजिट कैंप में रुकने की सलाह दी गई है।
बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी
चमोली जिले में निचले इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों के अलावा हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नीती और माणा घाटियों में भी बर्फबारी हुई है।
हेमकुंड साहिब में करीब आधा फीट बर्फ जमने से आस्था पथ पर फिसलन बढ़ गई है। पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित रास्ता पार कराया। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में ठंड भी बढ़ गई है।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, राफ्टिंग पर रोक
लगातार बारिश के कारण गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने राफ्टिंग गतिविधियों पर फिलहाल रोक लगा दी है।
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी तथा बागेश्वर में सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। हरिद्वार में शनिवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे दर्ज किया गया।
देहरादून एयरपोर्ट पर उड़ानों पर असर
खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। देहरादून एयरपोर्ट पर शनिवार को केवल तीन उड़ानें ही पहुंच सकीं। मौसम खराब होने के कारण तीन उड़ानों को डायवर्ट किया गया, जबकि एक उड़ान रद्द करनी पड़ी। कुछ अन्य उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया।
केदारनाथ और श्रीनगर से संचालित हेलिकॉप्टर सेवाएं भी मौसम के कारण प्रभावित रहीं।
गोमुख ट्रैक पर बुजुर्ग यात्री लापता
उत्तरकाशी के गंगोत्री-गोमुख ट्रैक पर महाराष्ट्र के 63 वर्षीय यात्री रामकुमार हनुमान गुप्ता पैर फिसलने के बाद खाई में गिरकर नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना कच्चीढांग के पास हुई।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग और एसडीआरएफ की टीम ने नदी और आसपास के क्षेत्रों में खोज अभियान चलाया, लेकिन खराब मौसम और बर्फबारी के कारण अभियान रोकना पड़ा। रविवार को दोबारा तलाशी अभियान चलाए जाने की बात कही गई है।
राज्य में 57 सड़कें बंद
बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में कुल 57 सड़कें बंद बताई गई हैं। इनमें अल्मोड़ा में 2, बागेश्वर में 4, चमोली में 8, देहरादून में 8, नैनीताल में 11, पौड़ी में 3, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में 3, टिहरी में 5 और उत्तरकाशी में 2 सड़कें शामिल हैं।
सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है। संबंधित विभागों को मार्गों को खोलने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट पर
मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बीच राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट पर है। राज्य और जिला स्तर के आपातकालीन परिचालन केंद्रों से मौसम और परिस्थितियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड टीमों को भी आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
सरकार के मुताबिक, जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर आवश्यक कदम उठाने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। खराब मौसम के बीच प्रशासन की प्राथमिकता तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।