देहरादून: भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए फणीन्द्रनाथ शर्मा को प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी सौंपी है। अजय कुमार के पद से हटने के बाद से यह पद खाली था। अब पार्टी ने शर्मा को उत्तराखंड संगठन की कमान दी है।
फणीन्द्रनाथ शर्मा को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में लंबे अनुभव वाला नेता माना जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आने वाले शर्मा विभिन्न राज्यों में संगठन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
असम-त्रिपुरा से हरियाणा तक संभाली जिम्मेदारी
फणीन्द्रनाथ शर्मा इससे पहले असम और त्रिपुरा में प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्ष 2023 में भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर बदलाव करते हुए उन्हें हरियाणा की जिम्मेदारी सौंपी थी।
उसी फेरबदल के दौरान हरियाणा के तत्कालीन संगठन महामंत्री जीआर रविंद्र राजू को असम-त्रिपुरा की जिम्मेदारी दी गई थी। शर्मा का पूर्वोत्तर राज्यों में संगठन के विस्तार और पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने का अनुभव रहा है।
अब उत्तराखंड में संगठन को मजबूत करने की चुनौती
उत्तराखंड में संगठन महामंत्री के तौर पर फणीन्द्रनाथ शर्मा के सामने पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी। राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियां अलग-अलग हैं। ऐसे में पार्टी के बूथ स्तर के संगठन से लेकर कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय तक उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
प्रदेश संगठन महामंत्री के तौर पर उन्हें पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखने के साथ-साथ संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी।
संगठनात्मक रणनीति में लंबा अनुभव
फणीन्द्रनाथ शर्मा ने भाजपा संगठन में विभिन्न स्तरों पर काम किया है। पार्टी के अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालने के दौरान उनका फोकस कार्यकर्ता नेटवर्क, बूथ स्तर की गतिविधियों और संगठन के विस्तार पर रहा है।
हरियाणा में भी उन्होंने संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। अब उत्तराखंड में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पार्टी आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों को देखते हुए अपनी तैयारियों को आगे बढ़ा रही है।
फणीन्द्रनाथ शर्मा के सामने उत्तराखंड में संगठन को एकजुट रखने, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की अहम जिम्मेदारी होगी।