जगन्नाथ रथ यात्रा में मची भगदड़, दो श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल
पुरी: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के पहले दिन गुरुवार को भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के दौरान ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिससे कई श्रद्धालु बेहोश हो गए।
घटना में दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक दोनों मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान और मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

भीड़ बढ़ने से बिगड़े हालात
जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 2 बजे रथ यात्रा मार्ग पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। इसके बाद कई श्रद्धालु गिर गए और कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और राहत टीमों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रभावित श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
रेस्क्यू टीम ने 33 भक्तों को बचाया
ओडिशा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) ने अभियान चलाकर भीड़ में फंसे 33 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू किए गए लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया और जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध कराया गया। इसके बाद कई श्रद्धालुओं को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
अधिकारियों के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते करीब 150 लोगों को पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बारिश के बीच शुरू हुई रथ यात्रा
भगवान जगन्नाथ की नौ दिवसीय वार्षिक रथ यात्रा गुरुवार को लगातार बारिश के बीच शुरू हुई। परंपरा के अनुसार ‘पहंडी’ रस्म के तहत भगवान जगन्नाथ, उनके भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के विग्रहों को श्री जगन्नाथ मंदिर से बाहर निकालकर रथों तक पहुंचाया गया।
सबसे पहले भगवान सुदर्शन को मंदिर से बाहर लाकर देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ पर विराजमान किया गया। इसके बाद भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रहों को उनके निर्धारित रथों पर स्थापित किया गया।
‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंजा पुरी
भगवान जगन्नाथ के रथ पर विराजमान होते ही पूरा बड़ा डंडा क्षेत्र श्रद्धालुओं के जयघोष से गूंज उठा। भक्तों ने हाथ उठाकर ‘जय जगन्नाथ’ के नारे लगाए और भगवान के दर्शन किए।
रथ यात्रा में ओडिसी कलाकारों, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक दलों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।