Headline
पीएम मोदी के कार्यक्रम में किच्छा के युवक को किया गया नोमिनेट
सुप्रीम कोर्ट की फटकार : हरक सिंह रावत और किशन चंद को कॉर्बेट नेश्नल पार्क मामले में नोटिस
उत्तराखंड के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में CM धामी ने किया छठवें वैश्विक आपदा प्रबंधन सम्मेलन का शुभारम्भ
उत्तराखंड में निर्माणाधीन टनल धंसने से बड़ा हादसा, सुरंग में 30 से 35 लोगों के फंसे होने की आशंका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पर हादसा, अचानक टूट गया कांच का ब्रिज, 30 फीट नीचे गिरकर पर्यटक की मौत
81000 सैलरी की बिना परीक्षा मिल रही है नौकरी! 12वीं पास तुरंत करें आवेदन
देश के सबसे शिक्षित राज्य में चपरासी की नौकरी के लिए कतार में लगे इंजीनियर, दे रहे साइकिल चलाने का टेस्ट
Uttarakhand: पहली बार घर-घर किया गया विशेष सर्वे, प्रदेश से दो लाख मतदाता गायब, नोटिस जारी
Uttarakhand: धामी सरकार का एलान, राज्य स्थापना दिवस तक हर व्यक्ति को मिलेगा आयुष्मान कवच

बड़ी ख़बर – अब गली मोहल्लों में नही बल्कि हाईवे पर ही चालान काटेगी सीपीयू

Dehradun News- आज Ashok Kumar IPS, DGP ने प्रदेश की यातायात व्यवस्था के सम्बन्ध में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से परिक्षेत्र, जनपद प्रभारियों की एक समीक्षा बैठक ली। DGP Ashok Kumar ने कहा कि ड्रग्स, साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा और ट्रैफिक हमारे Thrust एवं Focus Area हैं। यातायात प्रबन्धन के दो उद्देश्य हैं- सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात। इसका उद्देश्य केवल चालानों की संख्या में बढ़ोतरी करना अथवा शुल्क संयोजन मात्र नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं एवं दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि को रोकना है।

बैठक में निम्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श करते हुए निम्न निर्देश दिए गए-
➡ प्रायः देखने में आ रहा है कि सीपीयू मुख्य सड़क अथवा हाईवे पर न रहते हुए शहर की गलियों में चालान कर रही है। अतः सीपीयू, इन्टरसेप्टर और ट्रैफिक पुलिस मुख्य सड़क व हाइवे पर रहेगी, गलियों में नहीं जाएगी। गलियों में केवल एक्सीडेंट अथवा इमरजेंसी में ही जाएगी। इसका उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया।
➡ सभी जनपद प्रभारी अपने-अपने जनपदों में बोटल नेक चिन्हित करें तथा सुगम यातायात हेतु कार्य योजना तैयार कर मुख्यालय को अवगत कराएंगे।
➡ सड़क दुर्घटना के मुख्य कारणों जैसे रैश/स्टंट ड्राइविंग, नशे की हालत में वाहन चलाना, वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करना, ओवर लोडिंग, ओवर स्पीडिंग आदि पर फोकस करें। इन पर चालान करें।
➡ वीकेंड पर यातायात का दबाव अधिक होता है अतः इस दौरान Enforcement कम कर सुगम यातायात पर ध्यान दें।
➡ ट्रैफिक के उच्चाधिकारी प्रतिदिन ट्रैफिक कन्ट्रोल रूम में बैठकर ट्रैफिक की मॉनिटरिंग कर ट्रैफिक को सुगम बनाने का प्लान बनाए।
➡ गलत तरीके से वाहन पार्क करने से जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। अतः इस पर फोकस बढ़ाए और कार्यवाही करें।
➡ ई-चालान का प्रतिशत बहुत कम है। इसे बढ़ाया जाए और साथ ही इसमें आ रही व्यवाहारिक समस्याओं का भी निराकरण तत्काल कर लिया जाए।
➡ Traffic Eyes App का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे जनता भी ट्रैफिक नियम उल्लंघन करने वाले की सूचना एप पर अपलोड कर उसका चालान करा पाए।
➡ दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों को वर्गीकृत करते हुए वहां पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाए।
इसके अतिरिक्त यातायात व्यवस्था एवं पार्किंग व्यवस्था सहित अन्य बिन्दुओं पर विचार विमर्श किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top