

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
सीओ प्रशांत कुमार के अनुसार, रविवार को जसपुर पुलिस और एसओजी काशीपुर की संयुक्त टीम संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि राजपूत सभा भवन के गेट के पास एक व्यक्ति वन्यजीवों के अंग बेच रहा है।
सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर तीन प्लास्टिक के डिब्बों के साथ एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान आकाश दीक्षित निवासी मोहल्ला कटरा, थाना सहसवान, जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। वह वर्तमान में जसपुर के वार्ड चार स्थित राजपूत सभा भवन के पास रह रहा था।
पुलिस ने मामले की पुष्टि के लिए जसपुर दक्षिणी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनुस्वार टम्टा को मौके पर बुलाया। वन विभाग की टीम ने बरामद सामग्री की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
500 रुपये में खरीदकर 5 हजार तक में बेचता था
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह हरिद्वार निवासी अमन से हत्था जोड़ी का एक जोड़ा 400 से 500 रुपये में खरीदता था। इसके बाद तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ और धन प्राप्ति में लाभ होने का दावा कर इसे 4,000 से 5,000 रुपये तक में बेचता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से भी इन वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री करता था। इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों और सामग्री की आपूर्ति के स्रोत के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस और वन विभाग मामले की आगे जांच कर रहे हैं। बरामद सामग्री की प्रकृति और उससे जुड़े वन्यजीव संरक्षण संबंधी प्रावधानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।