देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जिले के डोईवाला थाना क्षेत्र में एक सरकारी शिक्षिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जा रही है।

मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के अनुसार, मृतका सृष्टि कंडारी की मां सीमा कंडारी की शिकायत पर डोईवाला थाने में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सृष्टि की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला निवासी सौरभ रतूड़ी से हुई थी, जो सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं। सृष्टि सरकारी विद्यालय में शिक्षिका थीं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाह के बाद से सृष्टि को दहेज और अन्य बातों को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें कथित तौर पर “मनहूस” कहकर अपमानित किया जाता था और लगातार मानसिक दबाव में रखा जाता था। इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस इनकी जांच कर रही है।
परिजनों ने सूचना देर से मिलने का लगाया आरोप
शिकायत के अनुसार, 28 और 29 जुलाई को परिजनों का सृष्टि से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद एक परिचित को ससुराल भेजा गया, जहां से जानकारी मिली कि उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।
परिजनों का आरोप है कि जब वे श्रीनगर से देहरादून पहुंचे, तब उन्हें सृष्टि की मृत्यु की जानकारी मिली। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष ने घटना की सूचना समय पर नहीं दी। इस दावे की भी पुलिस जांच कर रही है।
शिकायत में लगाए गए अन्य आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाह के कुछ महीने बाद सृष्टि के ससुर को हार्ट अटैक आया था। इसके बाद कथित रूप से एक पंडित की सलाह पर ससुराल पक्ष ने सृष्टि को अपशकुनी मानना शुरू कर दिया और उन्हें “मनहूस” कहकर प्रताड़ित किया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना से कुछ दिन पहले ससुर के निधन के बाद सृष्टि पर मानसिक दबाव और बढ़ गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी सत्यता की जांच की जा रही है।
पति, सास और ननद के खिलाफ केस दर्ज
डोईवाला की क्षेत्राधिकारी (सीओ) वंदना वर्मा ने बताया कि मृतका की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति सौरभ रतूड़ी, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों ने मिलकर सृष्टि को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हुई। इन आरोपों पर अभी न्यायिक या पुलिस स्तर पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
फिलहाल मामला जांचाधीन है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।