हल्द्वानी में 72 लाख की साइबर ठगी: पॉलिसी बोनस के नाम पर रिटायर्ड क्लर्क को बनाया शिकार, NPCI अधिकारी बनकर किया Fraud
रुद्रपुर/हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त क्लर्क को बीमा पॉलिसी का प्रीमियम और बोनस वापस दिलाने का झांसा देकर 72.33 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) का अधिकारी बताकर विभिन्न टैक्स और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर करीब दस महीने तक रकम वसूलते रहे। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बीमा पॉलिसी का रिफंड दिलाने का किया दावा
पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी के बिठौरिया नंबर-1 निवासी पीड़ित एक निजी स्कूल से सेवानिवृत्त क्लर्क हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर पांच बीमा पॉलिसियां खरीदी थीं। पहली किस्त के रूप में करीब 80 हजार रुपये जमा किए गए थे, लेकिन बाद की किस्तें जमा नहीं हो सकीं।
इसी बीच जुलाई 2025 से पीड़ित को लगातार फोन आने लगे। एक व्यक्ति ने खुद को संदीप शर्मा बताते हुए NPCI का असिस्टेंट मैनेजर और फंड ट्रांसफर मैनेजर बताया। उसने दावा किया कि सभी पॉलिसियों का प्रीमियम और बोनस मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये वापस मिल सकते हैं।
प्रोसेसिंग फीस के नाम पर करते रहे वसूली
ठगों ने सबसे पहले आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो व्हाट्सएप पर मंगवाए। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी, कैपिटल गेन टैक्स, आरबीआई चार्ज और अन्य सरकारी शुल्क का हवाला देकर पीड़ित से लगातार पैसे जमा कराए।
84 बार पैसे ट्रांसफर, गंवा बैठे 72.33 लाख रुपये
पीड़ित ने 14 जुलाई 2025 से 6 मई 2026 के बीच 84 ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और एक्सिस बैंक के खातों से कुल 72,33,600 रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में भेज दिए।
जब काफी समय बाद भी रिफंड नहीं मिला और सभी मोबाइल नंबर बंद हो गए, तब पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ।
एफआईआर दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित ने साइबर थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और सभी बैंक ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड पुलिस को सौंपा। साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन खातों में रकम भेजी गई है, उनकी जांच की जा रही है और ट्रांजेक्शन की पूरी चेन खंगाली जा रही है।
लोगों को दी गई चेतावनी
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि पॉलिसी बोनस, रिफंड, निवेश पर भारी मुनाफा या सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाले किसी भी फोन कॉल या मैसेज पर बिना पुष्टि भरोसा न करें। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से जानकारी जरूर सत्यापित करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने से संपर्क करें।