हरिद्वार। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हालिया चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों की जीत को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के साथ है, क्योंकि लोग विकास का समर्थन करते हैं। उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों और आंदोलनों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को इन बातों से प्रभावित हुए बिना जनता के हित में लगातार काम करते रहना चाहिए।


शनिवार को हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध नारायणी शिला पहुंचे हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध कर्म संपन्न किए। इस दौरान पंडित मनोज त्रिपाठी मौजूद रहे। सरमा के अनुसार, वह पिछले 12 वर्षों से लगातार नारायणी शिला पहुंचकर यह धार्मिक अनुष्ठान करते आ रहे हैं।
चुनावी जीत पर बोले—जनता विकास का समर्थन करती है
भाजपा उम्मीदवारों की हालिया चुनावी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के साथ खड़ी है। उन्होंने विकास को जनता के समर्थन का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि सरकार जो भी काम करेगी, वह अच्छा ही होगा।
उन्होंने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि जनता कांग्रेस के साथ होती, तो कांग्रेस चुनाव जीतने का प्रयास करती। सरमा ने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश करती है। ये टिप्पणियां उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक रणनीति और चुनावी प्रदर्शन के संदर्भ में कीं।
विपक्षी आंदोलन और एकजुटता पर उठाए सवाल
हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्ष की ओर से किए जा रहे बड़े आंदोलनों और विपक्षी दलों के एकजुट होने के प्रयासों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विपक्ष की गतिविधियों को तमाशा करार देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास उस समय सामने आते हैं, जब विपक्ष हताश होता है और उसके पास कोई ठोस विकल्प नहीं होता।
उन्होंने विपक्ष के साथ जुटने वाले लोगों की संख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की आबादी करीब 140 करोड़ है, ऐसे में यह देखना जरूरी है कि विपक्ष के साथ वास्तव में कितने लोग खड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी प्रदर्शनों से सरकार पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।
‘युवा शक्ति’ की बात करने वालों पर भी की टिप्पणी
असम के मुख्यमंत्री ने विपक्षी आंदोलन में शामिल लोगों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे लोगों पर चर्चा करने के बजाय उन लोगों की बात होनी चाहिए, जो स्वयं को युवा और युवा शक्ति का प्रतिनिधि बताते हैं।
उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों को महत्वहीन बताते हुए कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से सरकार की कार्यप्रणाली पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, विपक्षी आंदोलनों में शामिल लोगों की वास्तविक संख्या और उनके समर्थन के स्तर को लेकर उन्होंने कोई विशिष्ट आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया।
सरकार को जनता के काम करते रहने की सलाह
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार को विपक्ष की गतिविधियों पर ध्यान देने के बजाय जनता के लिए काम करते रहना चाहिए। उनके मुताबिक, जनहित के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने से जनता का विश्वास और समर्थन बना रहता है।
उन्होंने दोहराया कि विपक्ष के आंदोलनों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से सरकार की दिशा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता के लिए काम करना होना चाहिए, क्योंकि जनता विकास के आधार पर अपना समर्थन तय करती है।
नारायणी शिला में धार्मिक अनुष्ठान के लिए पहुंचे असम के मुख्यमंत्री ने इस दौरान जहां अपने पितरों के निमित्त तर्पण-श्राद्ध किया, वहीं राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देकर विपक्ष पर निशाना साधा। उनके बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब चुनावी नतीजों और विपक्षी दलों की रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं।