चमोली। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट नवरात्रि के पावन अवसर पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। रविवार सुबह 7:15 बजे विधि-विधान के साथ मंदिर के कपाट बंद किए गए। कपाट बंद करने से पहले भगवान लक्ष्मण की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद मंदिर के द्वार शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।


कपाट बंद होने के दौरान क्षेत्र में बर्फबारी हो रही थी। पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढका हुआ नजर आया। ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिसके चलते शीतकाल की परिस्थितियां साफ दिखाई देने लगी हैं।
बर्फ की चादर में लिपटा लोकपाल लक्ष्मण मंदिर
लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के आसपास के क्षेत्र में लगातार ठंड बढ़ने के साथ बर्फबारी का असर दिखाई दे रहा है। मंदिर के कपाट बंद होने के समय हिमपात होने से पूरा क्षेत्र बर्फ से ढका नजर आया। प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बीच मंदिर में पूजा-अर्चना और कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न हुई।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण धार्मिक स्थलों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में परंपरा के अनुसार मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाते हैं। अब श्रद्धालुओं को अगले यात्रा सीजन में मंदिर के कपाट खुलने का इंतजार रहेगा।
हेमकुंड साहिब में 3.84 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
लोकपाल लक्ष्मण मंदिर से पहले सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट भी शनिवार को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। कपाट बंद होने के अवसर पर गुरुद्वारे में इस वर्ष की अंतिम अरदास आयोजित की गई, जिसमें करीब 4,000 श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
इस वर्ष हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की संख्या 3.84 लाख से अधिक पहुंचने का आंकड़ा सामने आया है। इसे अब तक की सर्वाधिक श्रद्धालु संख्या बताया गया है। पूरे यात्रा सीजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र गुरुद्वारे में मत्था टेका और अरदास में भाग लिया।
कपाट बंद होने के अवसर पर पाकिस्तानी श्रद्धालुओं का जत्था भी मौजूद
हेमकुंड साहिब के कपाट बंद किए जाने के अवसर पर पाकिस्तान से आए करीब 40 श्रद्धालुओं का जत्था भी मौजूद रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अंतिम अरदास में भाग लेकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। यात्रा सीजन के समापन के साथ ही हेमकुंड साहिब में इस वर्ष की नियमित तीर्थयात्रा संपन्न हो गई।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में शीतकाल की दस्तक
हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर क्षेत्र में बर्फबारी तथा तापमान में गिरावट के साथ सर्दी का प्रभाव बढ़ने लगा है। दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के कपाट बंद होने के बाद अब क्षेत्र में शीतकालीन परिस्थितियों के कारण यात्रा गतिविधियां विराम पर रहेंगी।
इस वर्ष हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया धार्मिक यात्रा सीजन के महत्वपूर्ण पड़ाव रहे। अब श्रद्धालुओं को आगामी यात्रा सीजन में दोनों धार्मिक स्थलों के कपाट दोबारा खुलने का इंतजार रहेगा।