पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों के लोगों का लंबे समय से इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। रेलवे ने टनकपुर से तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ के बीच सीधी एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू करने का फैसला किया है। इस नई रेल सेवा से उत्तराखंड के यात्रियों को देश के कई प्रमुख शहरों से सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जबकि सिख श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।

वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी
सीमांत क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लंबे समय से टनकपुर से लंबी दूरी की सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों के बाद रेलवे ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि इससे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
6 जुलाई को रवाना होगी पहली ट्रेन
टनकपुर–तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस का शुभारंभ 6 जुलाई को टनकपुर रेलवे स्टेशन से होगा। केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह उद्घाटन समारोह में ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दौरान रेलवे अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के मौजूद रहने की संभावना है।
सप्ताह में एक बार चलेगी सेवा
रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार यह एक्सप्रेस फिलहाल सप्ताह में एक दिन संचालित होगी। ट्रेन रविवार को नांदेड़ से रवाना होकर अकोला, इटारसी, भोपाल, ग्वालियर, झांसी, आगरा, मथुरा और बरेली सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से गुजरते हुए मंगलवार सुबह 5:55 बजे टनकपुर पहुंचेगी।
वापसी में यही ट्रेन मंगलवार सुबह 9:00 बजे टनकपुर से रवाना होगी और बुधवार शाम 4:30 बजे तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ पहुंचेगी।
खटीमा के यात्रियों को भी राहत
रेलवे ने स्थानीय लोगों की मांग को स्वीकार करते हुए इस ट्रेन का ठहराव खटीमा रेलवे स्टेशन पर भी निर्धारित किया है। संशोधित समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन सुबह 9:26 बजे खटीमा पहुंचेगी और तीन मिनट के ठहराव के बाद 9:29 बजे आगे के लिए रवाना होगी। जल्द ही इस बदलाव को रेलवे की आधिकारिक समय-सारिणी में शामिल किया जाएगा।
14 जुलाई से नियमित संचालन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार उद्घाटन के बाद ट्रेन का नियमित संचालन 14 जुलाई से शुरू होगा। 12 जुलाई को नांदेड़ से रवाना होने वाली ट्रेन 14 जुलाई को टनकपुर पहुंचेगी और उसी दिन वापसी के लिए प्रस्थान करेगी। इसके बाद यह सेवा प्रत्येक सप्ताह अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगी।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
नई रेल सेवा से सीमांत उत्तराखंड के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बार-बार ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इसके साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। खासकर तख्त श्री हजूर साहिब जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए यह ट्रेन एक महत्वपूर्ण और सुविधाजनक विकल्प साबित होगी।