काशीपुर: उत्तराखंड सरकार के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत आयोजित जनसुनवाई में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम के दौरान सबसे अधिक शिकायतें बिजली विभाग से संबंधित सामने आने पर मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

सोमवार को नगर निगम सभागार में आयोजित शिविर में कुल 65 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 50 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष 15 शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बिजली विभाग की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
जनसुनवाई के दौरान लोगों ने झूलते बिजली के तार, बार-बार बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मर बदलने में देरी और अन्य विद्युत संबंधी समस्याएं उठाईं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) बार-बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं करते।
इस पर परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अजीत यादव से नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि भविष्य में जनता के फोन नहीं उठाए गए और शिकायतों की अनदेखी की गई तो संबंधित जेई के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
पार्षदों ने भी उठाए स्थानीय मुद्दे
वार्ड-3 के पार्षद अनिल कुमार ने क्षेत्र में लंबे समय से लो-वोल्टेज की समस्या और नए ट्रांसफार्मर की मांग पर कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया। वहीं, पार्षद अब्दुल कादिर ने बताया कि सड़क पर रखे तीन ट्रांसफार्मरों को हटाने के लिए कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इन शिकायतों पर मंत्री ने अधिशासी अभियंता से जवाब तलब करते हुए कहा कि ऊर्जा निगम के खिलाफ सबसे अधिक शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कहीं बिजली के पोल जर्जर हैं, कहीं तार झूल रहे हैं और कई स्थानों पर पोल झुके हुए हैं, जो गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर रहे हैं।
सभी शिकायतों के शीघ्र समाधान के निर्देश
परिवहन मंत्री ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली से संबंधित सभी लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों से जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।