Ayodhya स्थित Ram Mandir में कथित दान गबन मामले की जांच तेज हो गई है। विशेष जांच टीम (SIT) लगातार तीसरे दिन भी मंदिर परिसर में मौजूद रहकर 2021 से अब तक के सभी वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है।

जांच मुख्य रूप से दानपात्र से प्राप्त धनराशि के लेन-देन, कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया और उनकी जिम्मेदारियों पर केंद्रित है। सूत्रों के मुताबिक, SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंदिर निर्माण के बाद कर्मचारियों की भर्ती किस प्रक्रिया के तहत हुई, किन आधारों पर नियुक्तियां दी गईं और दान राशि के प्रबंधन व निगरानी की जिम्मेदारी किन लोगों के पास थी।

बताया जा रहा है कि जांच के शुरुआती दिनों में टीम को कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जो संभावित अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए एक IPS अधिकारी की प्रारंभिक रिपोर्ट और SIT की जांच में कई बिंदुओं पर समानता पाई गई है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
#WATCH लखनऊ, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर कहा, “भाजपा महापाप, महाभ्रष्टाचार, घोटाले के अलावा इनके पास कोई काम नहीं है इन्होंने सनातन धर्म का अपमान किया है और चढ़ावे में चोरी और चंदे में चोरी जमीनों में हेरफेर कितने अरोप… pic.twitter.com/YbF9QA1qJS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 16, 2026
SIT लगातार मंदिर से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। विशेष रूप से उन लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है जो दान राशि की गिनती, रिकॉर्डिंग और प्रबंधन से जुड़े रहे हैं। साथ ही, कुछ ऐसे व्यक्तियों पर भी नजर रखी जा रही है जिनकी मंदिर परिसर में अनियंत्रित आवाजाही बताई जा रही है।
#WATCH लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राम मंदिर चंदे की जांच पर समाजवादी पार्टी नेता शिवपाल यादव ने कहा, “उसमें भारी गबन हुआ है। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।” pic.twitter.com/bZnURRMlQC
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 16, 2026
#WATCH लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राम मंदिर चंदे की जांच पर समाजवादी पार्टी नेता शिवपाल यादव ने कहा, “उसमें भारी गबन हुआ है। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।” pic.twitter.com/bZnURRMlQC
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इधर, लखनऊ में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच इस मामले को लेकर बैठक होने की भी चर्चा है। शुरुआती स्तर पर जांच को लेकर अलग-अलग प्रस्ताव सामने आए थे, जिससे दोनों पक्षों के बीच मतभेद की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
#WATCH गुना(मध्य प्रदेश): कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं पर कहा, “बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। आखिर क्या कारण है कि इतनी अव्यवस्था रही। भाजपा का प्रयास राजनीतिकरण का रहा यही कारण है कि अब ऐसे भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं…वहां के पुराने… pic.twitter.com/zjyyCbvQ9J
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 16, 2026
इस पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित संस्थाओं की निगरानी बनी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि जांच के जरिए जल्द ही स्पष्ट तथ्य सामने आएंगे।
वहीं, इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जांच की पारदर्शिता और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।