
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून समाप्त हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में सड़कें बंद होने का सिलसिला जारी है। राज्य में अब भी आठ मार्ग बंद हैं, जिनमें अधिकांश ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। सड़कों के बंद होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, बंद मार्गों की सबसे अधिक संख्या सीमांत जिले पिथौरागढ़ में है। यहां पांच सड़कें आवाजाही के लिए बंद हैं। इनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की चार सड़कें और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की एक सड़क शामिल है।

अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भी सड़कें बंद
पिथौरागढ़ के अलावा अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिले में भी एक-एक मार्ग बंद है। इन मार्गों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवाजाही के साथ ही रोजमर्रा के कामकाज में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मानसून के दौरान बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। ऐसे में ग्रामीण मार्गों के लंबे समय तक बंद रहने से स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
बंद मार्गों को खोलने की कार्रवाई जारी
संबंधित अधिकारियों के अनुसार, बंद सड़कों को खोलने के लिए कार्रवाई की जा रही है। मार्गों पर यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
हालांकि, प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी आठ मार्गों का बंद रहना सड़क संपर्क व्यवस्था को दुरुस्त करने की चुनौती को दर्शाता है। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को इन मार्गों पर आवाजाही सामान्य होने का इंतजार है।