हरिद्वार। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक बुधवार को हरिद्वार पहुंचीं। यहां देवपुरा स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने भाजपा सरकार पर अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक पार्टी का विरोध जारी रहेगा।

प्रेस वार्ता में रागिनी नायक ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच और प्रदेश सरकार की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मामले में न्याय सुनिश्चित करने के बजाय संबंधित लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर सरकार का पक्ष इस प्रेस वार्ता के विवरण में सामने नहीं आया।
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अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी को लेकर उठाए सवाल
रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले से जुड़े कथित वीआईपी को संवैधानिक पद पर बैठाया गया, ताकि वह जांच के दायरे से बाहर रह सके। उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना केवल एक परिवार का मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर भरोसे से जुड़ा विषय है। कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी।
सीबीआई जांच को लेकर भी सरकार पर निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता ने अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति की है, लेकिन कथित वीआईपी की पहचान को लेकर अब भी सवाल बने हुए हैं।
रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि सही नाम के बजाय अज्ञात वीआईपी के खिलाफ जांच की बात की जा रही है, जिससे संबंधित व्यक्ति की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर प्रश्न उठते हैं। उन्होंने मांग की कि मामले में निष्पक्षता के साथ सभी तथ्यों की जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
उनके इन बयानों के बीच कथित वीआईपी की पहचान और उससे संबंधित आरोपों की पुष्टि को लेकर जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी: रागिनी नायक
प्रेस वार्ता के दौरान रागिनी नायक ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी मामले में राष्ट्रपति को पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जब अंकिता के माता-पिता धरने पर बैठे थे, तब राहुल गांधी के साथ वह स्वयं भी मौजूद थीं।
रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि उस दौरान भाजपा सरकार ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सहित कांग्रेस के अन्य नेता अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
उन्होंने दोहराया कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
एसआईआर प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल, चुनाव आयोग से मांगा जवाब
अंकिता भंडारी मामले के अलावा रागिनी नायक ने प्रेस वार्ता में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर भी भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं और लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के तीसरे चरण में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कांग्रेस इस मुद्दे पर लोगों को जागरूक करेगी और मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठाएगी।
रागिनी नायक ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ता बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बैठकर मतदाता सूची से लोगों के नाम कटवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनके द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस प्रेस वार्ता के उपलब्ध विवरण में नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
रागिनी नायक ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पर सवाल उठने के बाद भाजपा के प्रवक्ता प्रेस वार्ता के माध्यम से उसका बचाव करने पहुंच जाते हैं।
उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी।
प्रेस वार्ता के अंत में रागिनी नायक ने दावा किया कि उत्तराखंड में राजनीतिक बदलाव की सुनामी आने वाली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग और मताधिकार की रक्षा जैसे मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
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