पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत व्यास घाटी क्षेत्र में साहसिक खेलों और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0’ आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में आयोजित इस मैराथन में देश के 26 राज्यों से पहुंचे करीब 1,100 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गुंजी पहुंचकर आयोजन में प्रतिभाग करने वाले धावकों का उत्साहवर्धन किया और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सम्मानित किया।

आदि कैलाश क्षेत्र में आयोजित यह प्रतियोगिता अपनी चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों, ऊंचाई और प्राकृतिक सुंदरता के लिए खास है। आयोजन के जरिए सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन, पर्वतीय खेलों और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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70 और 42 किलोमीटर की मैराथन में धावकों ने दिखाई क्षमता
आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 के तहत 70 और 42 किलोमीटर की मैराथन सहित 21, 10 और 5 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की जा रही हैं। 70 किलोमीटर की दौड़ आदि कैलाश क्षेत्र से शुरू होकर छियालेख होते हुए गुंजी में संपन्न हुई।
दौड़ में महिला और पुरुष प्रतिभागियों के साथ अलग-अलग आयु वर्ग के धावकों ने हिस्सा लिया। दुर्गम पहाड़ी रास्तों, कम तापमान और अधिक ऊंचाई जैसी चुनौतियों के बीच प्रतिभागियों ने अपनी सहनशक्ति और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
आयोजन में 70 किलोमीटर की मैराथन के लिए कुल 23.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। विभिन्न दूरी की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले धावकों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।
4,500 मीटर की ऊंचाई पर दौड़ना बड़ी चुनौती
पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। यहां कई स्थानों पर समुद्र तल से लगभग 4,500 मीटर की ऊंचाई पर दौड़ना प्रतिभागियों के लिए शारीरिक सहनशक्ति की कठिन परीक्षा है।
इस ऊंचाई पर हवा में उपलब्ध ऑक्सीजन का दबाव कम होने के कारण सांस फूलना, सिरदर्द और जी मिचलाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में धावकों के लिए उचित तैयारी, ऊंचाई के अनुकूल होने का समय और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों में प्रतियोगिता को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिताएं भी बनीं आकर्षण
मैराथन के साथ आयोजन में पर्वतीय साइकिलिंग को भी शामिल किया गया है। इसके तहत 25 और 50 किलोमीटर की माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इस पहल से क्षेत्र में दौड़ और साइकिलिंग जैसे साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान गुंजी में सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को सीमांत क्षेत्र की स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिला।
आदि कैलाश क्षेत्र धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यहां इस तरह के आयोजन होने से स्थानीय गांवों, पर्यटन सेवाओं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की उम्मीद है।
दूसरे वर्ष में पहुंचा आदि कैलाश परिक्रमा रन का आयोजन
आदि कैलाश परिक्रमा रन की शुरुआत पिछले वर्ष सीमांत क्षेत्र में पर्यटन और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। अब दूसरे संस्करण में देशभर से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की मौजूदगी इस आयोजन को व्यापक पहचान दिला रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गुंजी में मौजूदगी और विजेताओं को सम्मानित करने से कार्यक्रम को विशेष महत्व मिला। आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों को साहसिक पर्यटन के संभावित केंद्र के रूप में विकसित करने और सीमांत क्षेत्रों की प्राकृतिक व सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 की प्रतियोगिताएं 26 अक्टूबर तक निर्धारित हैं। आयोजन के समापन तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और प्रतिभागियों के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।