देहरादून: बिग बॉस फेम यूट्यूबर अनुराग डोभाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। देहरादून की सत्र अदालत ने मारपीट, जान से मारने की धमकी और अपहरण से जुड़े मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं, मामले में सह-आरोपी अभय चौधरी और कुर्बान उर्फ गुरु भाई को अदालत ने जमानत दे दी। दोनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानती पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।

सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया गया। अदालत ने अनुराग डोभाल की भूमिका को मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर देखते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया।

कैफे के बाहर मारपीट और अपहरण का आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, शिकायतकर्ता राज सिंह चौहान ने 6 अक्टूबर 2026 को नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह एक शोरूम में नौकरी करता है।
शिकायत के अनुसार, 6 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे अनुराग डोभाल अपने 8 से 10 साथियों के साथ राज सिंह से मिलने पहुंचे थे। उस समय काम में व्यस्त होने के कारण राज ने बाद में मिलने की बात कही। इसके बाद रात करीब 8 बजे दोनों पक्षों की मुलाकात एक कैफे के पास हुई।
आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अनुराग ने पीछे से उसका गला दबाया और मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की। इसके बाद उसके सिर, छाती और मुंह पर लोहे की वस्तु से वार किए गए।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने राज सिंह को गाड़ी के नीचे डालने की कोशिश की और चाकू व बंदूक दिखाकर डराया। मामले में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत इन आरोपों पर विचार किया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज का हवाला देकर अभियोजन ने किया जमानत का विरोध
अदालत में जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया। अभियोजन के मुताबिक, फुटेज में शिकायतकर्ता के चेहरे और मुंह से खून निकलता दिखाई दे रहा है।
अभियोजन पक्ष ने यह भी दावा किया कि शिकायतकर्ता के साथ मारपीट करने के बाद उसे गाड़ी में बंद रखा गया था। इसके अलावा, अनुराग डोभाल के दूसरे राज्य का निवासी होने का हवाला देते हुए उनके फरार होने की आशंका जताई गई। इन्हीं आधारों पर अभियोजन ने जमानत देने का विरोध किया।
बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को बताया अवैध
दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने अदालत में अनुराग डोभाल और अन्य आरोपियों को झूठा फंसाए जाने की दलील दी। उनके अधिवक्ता ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिरासत में लेते समय आरोपियों को गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए थे।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता राज सिंह चौहान, अनुराग डोभाल की पत्नी रितिका चौहान का भाई है और दोनों परिवारों के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा है। वकील ने दलील दी कि शिकायतकर्ता को आई चोटें सामान्य प्रकृति की हैं।
इसके साथ ही बचाव पक्ष ने इसी मामले में सह-आरोपी अभिषेक पंवार उर्फ टाइगर को 17 अक्टूबर को जमानत मिलने का हवाला देते हुए अनुराग डोभाल को भी राहत देने की मांग की।
अभय चौधरी और कुर्बान उर्फ गुरु भाई को 50-50 हजार के मुचलके पर जमानत
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अनुराग डोभाल की जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं, सह-आरोपी अभय चौधरी और कुर्बान उर्फ गुरु भाई की जमानत याचिकाएं स्वीकार कर ली गईं।
अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानती पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।
इस फैसले के बाद मामले में आरोपियों को लेकर अलग-अलग न्यायिक निर्णय सामने आए हैं। अनुराग डोभाल को फिलहाल जमानत नहीं मिली है, जबकि दो सह-आरोपियों को निर्धारित शर्तों के साथ राहत दी गई है। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।