काशीपुर: उत्तराखंड के काशीपुर में साइबर ठगों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक नया तरीका अपनाकर एक व्यक्ति के बैंक खाते से 99,800 रुपये निकाल लिए। आरोप है कि ठगों ने पीड़ित के मोबाइल फोन में बिना जानकारी एक मैलिसियस (संदिग्ध) एप इंस्टॉल कर उसका पूरा एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद यूपीआई के जरिए खाते से रकम ट्रांसफर कर दी गई। मामले में साइबर थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस तकनीकी जांच में जुट गई है।

मोहल्ला लक्ष्मीपुर निवासी इसरार अहमद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 23 जून 2026 की रात करीब 11 बजे अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल फोन का अनधिकृत एक्सेस प्राप्त कर लिया। इसके बाद फोन में एक संदिग्ध एप्लिकेशन इंस्टॉल की गई, जिसने एसएमएस, कॉल, कैमरा और अन्य महत्वपूर्ण फीचर्स तक पहुंच बना ली।
सोते समय खाते से निकाली गई रकम
पीड़ित ने बताया कि घटना के समय वह ड्यूटी से लौटकर घर पर सो रहे थे और मोबाइल फोन उनके पास ही रखा था। इसी दौरान साइबर ठगों ने यूपीआई के माध्यम से उनके बैंक खाते से 99,800 रुपये निकाल लिए। अगले दिन सुबह मोबाइल बार-बार हैंग होने लगा तो उन्होंने फोन की जांच की।
फोन में मिला अनजान एप
जांच के दौरान मोबाइल में एक ऐसा एप मिला, जिसे उन्होंने कभी डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं किया था। इससे उन्हें साइबर हमले का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल डेटा और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच शुरू
क्षेत्राधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि साइबर थाने में दर्ज मुकदमे की जांच काशीपुर पुलिस को सौंपी गई है। पुलिस मोबाइल के आईपी लॉग, बैंक ट्रांजेक्शन, संदिग्ध एप के स्रोत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही एप डाउनलोड करें, किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और बैंक खाते से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।