

राजेश शुक्ला ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि बीते दिनों हुई बेमौसमी बारिश ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे समय में किसानों की उपज को सुरक्षित रखना और उन्हें आर्थिक क्षति से बचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने फसल कटाई के बाद अपना अनाज मंडी परिसर में पहुंचा दिया है, उनकी तौल में देरी होने से अनाज के बारिश की चपेट में आने और खराब होने की आशंका बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि किसान पहले ही मौसम की मार से परेशान हैं। ऐसे में मंडी परिसर में रखे अनाज की समय पर तौल नहीं होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यदि अनाज लगातार बारिश के संपर्क में रहता है, तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। इसलिए आवश्यक है कि मंडी में पहुंच चुके किसानों के अनाज की तौल प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि उनकी उपज को सुरक्षित रखने के साथ उन्हें अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके।
किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए सरकार कर रही कार्रवाई
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हितों को लेकर संवेदनशील है। बेमौसमी बारिश से फसलों को हुए नुकसान के मद्देनजर प्रभावित किसानों को क्षति के अनुरूप मुआवजा दिलाने की घोषणा के क्रम में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जोर दिया कि किसानों को राहत देने के लिए मुआवजे की प्रक्रिया के साथ-साथ मंडी में रखी उनकी उपज की सुरक्षा और समय पर तौल सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि मंडी प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल निर्देशित किया जाए, ताकि किसानों के अनाज की तौल बिना अनावश्यक देरी के पूरी हो सके। इससे बारिश के कारण उपज खराब होने की आशंका कम होगी और किसानों को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी ने तत्काल तौल कराने का दिया आश्वासन
जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मंडी परिसर में पहुंचे किसानों के अनाज की तत्काल तौल सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद अब किसानों की निगाहें मंडी परिसर में रखे अनाज की तौल प्रक्रिया में तेजी आने पर टिकी हैं। समय पर तौल होने से किसानों की उपज को लंबे समय तक खुले में पड़े रहने से बचाने और बारिश के कारण होने वाले संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
किसानों के हित में त्वरित कार्रवाई की जरूरत
बेमौसमी बारिश के बीच किसानों की उपज को सुरक्षित रखना और मंडी में तौल प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई किसानों को राहत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है। अब देखना होगा कि मंडी परिसर में रखे अनाज की तौल कितनी तेजी से पूरी कराई जाती है, ताकि किसानों को मौसम की मार के साथ प्रशासनिक देरी का अतिरिक्त नुकसान न झेलना पड़े।