नई दिल्ली: बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की सोमवार से प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल टल गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बातचीत के बाद हड़ताल स्थगित करने पर सहमति बनी। इससे बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर आम लोगों और कारोबारियों को राहत मिली है।
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तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया था। हड़ताल टलने के बाद सोमवार से बैंकों में सामान्य कामकाज जारी रहेगा।
IBA के साथ बैठक के बाद लिया फैसला
UFBU ने 27 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे IBA के साथ हुई बैठक के बाद जारी सर्कुलर में आंदोलन और हड़ताल को स्थगित करने की जानकारी दी।
संगठन के अनुसार, दोनों पक्षों ने विभिन्न लंबित मुद्दों पर आगे बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। इनमें पांच दिन का बैंकिंग वीक लागू करने की मांग भी शामिल है।
सर्कुलर में कहा गया कि एक समिति सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी और संबंधित हितधारकों के साथ चर्चा कर ऐसे समाधान तक पहुंचने का प्रयास करेगी, जो सभी पक्षों और ग्राहकों के लिए स्वीकार्य हो।
परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम पर भी चर्चा
स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।
UFBU के अनुसार, यूनियनों और एसोसिएशनों की ओर से उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए IBA सरकार के समक्ष बदलाव का प्रस्ताव रख सकती है। इसके अलावा 8 मार्च 2024 के मिनट्स में दर्ज अन्य लंबित मुद्दों के समाधान के लिए भी जल्द चर्चा किए जाने की बात कही गई है।
इन सहमतियों के आधार पर UFBU ने प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल को स्थगित करने का फैसला किया।
पांच दिन का बैंकिंग वीक प्रमुख मांग
UFBU की ओर से शुक्रवार को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया था। बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में पांच दिन का बैंकिंग वीक लागू करना शामिल है। इसके तहत शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश किए जाने की मांग की जा रही है।
इसके अलावा कर्मचारी संगठनों ने नई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को वापस लेने की मांग भी उठाई थी।
बैंक यूनियन के प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा ने दावा किया था कि सरकार के साथ हुए समझौते को ढाई साल से अधिक समय बीतने के बावजूद कई मांगें लंबित हैं। उनके मुताबिक, इन्हीं मुद्दों को लेकर कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
Bank strike deferred after the meeting between the Indian Banks’ Association (IBA) and the United Forum of Bank Unions (UFBU) tonight. https://t.co/SPJUwp63p2
— ANI (@ANI) September 27, 2026
ग्राहकों को परेशान करना उद्देश्य नहीं: बैंक यूनियन
नरेंद्र शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का उद्देश्य ग्राहकों को परेशान करना नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना रुकावट बैंकिंग सेवाओं के महत्व और हड़ताल की स्थिति में ग्राहकों को होने वाली संभावित परेशानियों को कर्मचारी संगठन समझते हैं।
हालांकि, उनका कहना था कि लंबे समय से लंबित मांगों और समझौते में किए गए वादों के समाधान के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करना जरूरी था।
फिलहाल हड़ताल स्थगित होने के बाद सोमवार से बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी, जबकि लंबित मुद्दों पर IBA और बैंक कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत आगे बढ़ेगी।