हसनपुर। उत्तराखंड के खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में हरियाणा की युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र भेजकर मामले में सात दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी की ओर से राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजे गए पत्र के बाद सामने आया। चौधरी ने आयोग की अध्यक्ष को घटना की जानकारी देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद आयोग की ओर से DGP को पत्र भेजा गया, जिसकी एक प्रति चौधरी को भी उपलब्ध कराई गई है।
समयबद्ध जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले की समयबद्ध और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही घटना से जुड़े फोरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, आरोपियों के सहयोगियों या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच करने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों अथवा अन्य कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने पीड़िता और उसके परिवार को आवश्यक चिकित्सकीय, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और सुरक्षा सहायता उपलब्ध कराने तथा नियमानुसार आर्थिक सहायता देने को भी कहा है।
दरोगा नरेशपाल राणा निलंबित
मामले में रजबपुर थाने के दरोगा नरेशपाल राणा को रविवार को निलंबित कर दिया गया। उन पर फार्म हाउस में पुलिस और CRPF कर्मियों को गृह विभाग की जांच टीम बताकर ठहराने के आरोप लगे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दरोगा का इन लोगों से कोई संपर्क या संबंध था या नहीं।
पूर्व विधायक चैंपियन के आरोपों पर उमेश शर्मा का पलटवार
वहीं, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने मामले में CBI जांच की मांग करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के बाद विधायक उमेश शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से पलटवार किया है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।