देहरादून: उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार राज्य की मतदाता सूची से 8.41 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की संभावना है। इससे पहले भी एसआईआर शुरू होने से पूर्व करीब 4.95 लाख नाम सूची से हटाए जा चुके थे। ऐसे में अब तक करीब 13.36 लाख मतदाता सूची से बाहर हो चुके हैं या हटने की प्रक्रिया में हैं, जिससे 2022 के मुकाबले 2027 के चुनाव में मतदाताओं की संख्या में लगभग 10 लाख की कमी आने का अनुमान है।

84.55 लाख से घटकर 71.16 लाख तक पहुंचे डिजिटाइज मतदाता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, जनवरी 2026 में उत्तराखंड में 84,55,994 पंजीकृत मतदाता थे। एसआईआर के दौरान यह संख्या घटकर 79,60,762 रह गई। इनमें 8,41,020 मतदाताओं को एएसडी (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी में रखा गया है। अब तक 71,16,650 मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
89.40 प्रतिशत गणना फॉर्म हुए डिजिटाइज
निर्वाचन आयोग के मुताबिक राज्यभर में 89.40 प्रतिशत गणना फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं। अधिकांश जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।
जिलावार प्रगति इस प्रकार है—
- हरिद्वार – 90.33%
- नैनीताल – 90.58%
- अल्मोड़ा – 89.40%
- उधमसिंह नगर – 86.34%
- देहरादून – 86.08%
- बागेश्वर – 93.88%
- रुद्रप्रयाग – 94.27%
- उत्तरकाशी – 92.36%
- चमोली – 92.00%
- पिथौरागढ़ – 92.51%
- टिहरी गढ़वाल – 91.31%
- पौड़ी गढ़वाल – 90.38%
- चंपावत – 91.37%
किन कारणों से हट सकते हैं 8.41 लाख नाम?
निर्वाचन विभाग के अनुसार एएसडी श्रेणी में शामिल मतदाताओं को विभिन्न कारणों से चिन्हित किया गया है—
- 1,24,278 मतदाताओं का निधन हो चुका है।
- 4,79,762 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं।
- 61,888 मतदाता अन्य स्थानों पर पहले से पंजीकृत पाए गए।
- 1,66,741 मतदाता सत्यापन के दौरान अनुपस्थित मिले।
- 8,351 नाम अन्य कारणों से एएसडी श्रेणी में रखे गए हैं।
इन सभी मामलों की जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इन जिलों में सबसे ज्यादा नाम हटने की संभावना
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक एएसडी श्रेणी के मतदाता इन जिलों में चिन्हित किए गए हैं—
- देहरादून – 1,90,815
- उधमसिंह नगर – 1,82,162
- हरिद्वार – 1,31,047
- नैनीताल – 72,053
- अल्मोड़ा – 55,930
- पौड़ी गढ़वाल – 53,386
- टिहरी गढ़वाल – 44,062
अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में मतदाता सत्यापन के दायरे में हैं।
14 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि सभी मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराए गए थे। अब तक 71.16 लाख फॉर्म प्राप्त कर डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जबकि 8.41 लाख मतदाता ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में हैं। इन मामलों की जांच जारी है और राजनीतिक दलों से भी संबंधित मतदाताओं तक पहुंचने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद एक महीने तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
2027 विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि अंतिम सूची में भी बड़ी संख्या में नाम हटते हैं तो इसका सीधा असर 2027 के विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में राज्य में 81.43 लाख मतदाता थे, जबकि वर्तमान अनुमान के अनुसार यह संख्या घटकर करीब 71.16 लाख रह सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मतदाताओं की संख्या में लगभग 10 लाख की संभावित कमी चुनावी गणित, मतदान प्रतिशत और राजनीतिक दलों की रणनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। फिलहाल सभी की नजर 14 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची और उसके बाद शुरू होने वाली दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पर टिकी हुई है।