किच्छा: किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव का परिणाम अब सिर्फ चुनावी नतीजा नहीं रह गया है। मतदान के बाद मतगणना को लेकर हुआ विवाद, स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर हंगामा और फिर अदालतों तक पहुंची कानूनी लड़ाई ने इस चुनाव को खासा चर्चित बना दिया है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 7 अक्टूबर को मतगणना होगी, जिसके साथ ही कई दिनों से चले आ रहे सियासी इंतजार का अंत हो जाएगा


10 सितंबर से शुरू हुआ चुनावी सफर, 22 को हुआ मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग ने किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी किया था। तय कार्यक्रम के अनुसार 10 सितंबर को नामांकन, 13 सितंबर को नाम वापसी, 22 सितंबर को मतदान और 24 सितंबर को मतगणना होनी थी।
नामांकन से लेकर मतदान तक चुनावी प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती रही, लेकिन मतपेटियों के आगे पर्दा लगाए जाने की घटना के बाद किच्छा में राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया।
स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर बेहड़-शुक्ला समर्थक आमने-सामने
पर्दे से जुड़े विवाद के बाद स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थक आमने-सामने आ गए। इस दौरान हंगामा, नारेबाजी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
माहौल बिगड़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए निर्धारित तिथि पर मतगणना नहीं कराई। इसके बाद मामला नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचा और चुनाव परिणाम का इंतजार लंबा होता चला गया।
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
सरकार और प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट में मतगणना के लिए दो सप्ताह का समय मांगा गया था। हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर मतगणना कराने के निर्देश दिए। हालांकि, कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से अलीना मलिक ने मतगणना जल्द कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद 7 अक्टूबर को मतगणना कराने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव के परिणाम को लेकर चल रही अनिश्चितता खत्म हो गई।
बेहड़ बोले- सुप्रीम कोर्ट ने दिया अंतिम फैसला
किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत ने मतगणना कराने का निर्देश देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
तिलक राज बेहड़ ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम निर्णय सुनाया है। सरकार और प्रशासन मतगणना जबरदस्ती रोकना चाहते थे, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया। फैसला जो आएगा, सर्वमान्य होगा।”
राजेश शुक्ला बोले- भाजपा की जीत की उम्मीद
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को स्वीकार्य बताते हुए कहा कि चुनाव परिणाम जो भी होगा, उसे स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता का रुख भाजपा की ओर रहा है और उन्हें भाजपा प्रत्याशी की जीत की उम्मीद है।
राजेश शुक्ला ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट का निर्णय स्वीकार्य है। नतीजे को हम स्वीकार करेंगे। जनता का रुख भाजपा की ओर रहा। हमें उम्मीद है कि भाजपा का प्रत्याशी जीत दर्ज करेगा।”
मतगणना की तारीख तय होते ही कांग्रेस ने बांटे लड्डू
उधर, मतगणना की तारीख तय होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आवास विकास स्थित शिव मंदिर में लड्डू बांटकर खुशी जताई और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया।
कांग्रेस नेता संजय जुनेजा ने कहा कि सत्य को प्रताड़ित किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मतगणना में स्थानीय प्रशासन की ओर से लगाया गया अड़ंगा अब समाप्त हो गया है और 7 अक्टूबर को मतगणना होना लोकतंत्र और संविधान की जीत है।
इस दौरान पार्षद सौरव राज बेहड़, पार्षद जितेश शर्मा, करन चीमा, आशित वाला, राकेश अधिकारी, हरीश कुमार, संदीप सिंह, रवि मिश्रा, कुणाल खुराना समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब 7 अक्टूबर को खुलेगा चुनावी नतीजे का पिटारा
मतगणना की तारीख तय होने के बाद अब किच्छा और सिरौलीकलां की सियासत में सबसे बड़ा सवाल यही है कि नगर की सरकार की कमान किसके हाथ आएगी? लंबे समय से बंद मतपेटियों में कैद जनादेश 7 अक्टूबर को सामने आएगा।
यह चुनाव अब केवल प्रत्याशियों की जीत-हार तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि किच्छा की राजनीति में विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की प्रतिष्ठा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में मतगणना का दिन दोनों खेमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।