सफाई कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर बड़ा एक्शन, नितिन चरन वाल्मीकि ने जिलाधिकारी से की अहम बैठक
उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य नितिन चरन वाल्मीकि ने मंगलवार को ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन भदौरिया से मुलाकात कर जिले के सफाई कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन भुगतान, ईपीएफ-ईएसआई और सुरक्षा सुविधाओं जैसे अहम मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्ष 2025 में जारी शासनादेश के प्रभावी क्रियान्वयन का विषय प्रमुखता से रखा गया। नितिन चरन वाल्मीकि ने कहा कि 4 दिसंबर 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों का नियमितीकरण अभी तक लंबित है, जबकि शासनादेश के अनुरूप इस प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जाना चाहिए था। उन्होंने इस मामले में हो रही देरी को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की।
बैठक में ठेका व्यवस्था से जुड़ी अनियमितताओं पर भी चिंता जताई गई। आयोग सदस्य ने कहा कि कई ठेकेदार सफाई कर्मचारियों का ईपीएफ और ईएसआई समय पर जमा नहीं कर रहे हैं, कर्मचारियों को निर्धारित समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और कई स्थानों पर सुरक्षा किट, वर्दी तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इससे कर्मचारियों के अधिकारों का लगातार उल्लंघन हो रहा है।

नितिन चरन वाल्मीकि ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का आर्थिक और सामाजिक शोषण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी से सभी विभागों और स्थानीय निकायों को शासनादेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्रमिकों और सफाई कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में यदि कोई अधिकारी या संबंधित एजेंसी सरकार के निर्देशों की अनदेखी करती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है।
बैठक के अंत में आयोग सदस्य ने दोहराया कि राज्य सफाई कर्मचारी आयोग प्रदेश के सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार सक्रिय रहेगा तथा श्रमिक हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।