देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को जनहित, शिक्षा, पर्यटन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य में रिवर राफ्टिंग नियमावली-2026 लागू करने, पिथौरागढ़ में नए प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना, स्कूली बच्चों के लिए मिड-डे मील योजना के विस्तार, कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने और अन्य प्रशासनिक सुधारों से जुड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई।

कैबिनेट बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस वार्ता में निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य राज्य में विकास परियोजनाओं को गति देना, शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाना, पर्यटन क्षेत्र को सुरक्षित और व्यवस्थित करना तथा कर्मचारियों के हितों को संरक्षण देना है।
सीमांत क्षेत्र को मिलेगा आधुनिक प्रौद्योगिकी संस्थान
कैबिनेट ने पिथौरागढ़ में प्रस्तावित ‘नन्ही परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान’ की स्थापना के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि यह संस्थान सीमांत क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के नए अवसर भी पैदा करेगा।
रिवर राफ्टिंग के लिए बनेगी नई व्यवस्था
राज्य में एडवेंचर पर्यटन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है। नई नियमावली के तहत सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा, साथ ही लाइसेंसिंग, संचालन और निगरानी व्यवस्था को भी अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाएगा।
श्रीनगर में भी मिलेगा पका हुआ मिड-डे मील
प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित अक्षय पात्र किचन का विस्तार करने का निर्णय भी कैबिनेट ने लिया है। अब देहरादून और हरिद्वार के साथ श्रीनगर में भी कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे स्कूली बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा।
कर्मचारियों और प्रशासनिक सुधारों पर भी फोकस
बैठक में राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा राजस्व ग्राम समितियों से जुड़े विषयों, प्रशासनिक सुधारों तथा मदरसों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से राज्य में शिक्षा, पर्यटन, प्रशासनिक व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी गति मिलेगी।