देहरादून: कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर पूरे देश के साथ उत्तराखंड में भी कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने अदम्य साहस, वीरता और रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराकर पाकिस्तान को निर्णायक शिकस्त दी थी। इस ऐतिहासिक विजय में देश के 526 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड के 75 जांबाज भी शामिल थे। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
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अल्मोड़ा में शहीदों को श्रद्धांजलि, परिजनों का सम्मान
अल्मोड़ा आर्मी कैंट स्थित शहीद स्मारक में कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर वीरों को नमन किया।
इस अवसर पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए अल्मोड़ा जिले के सात वीर सैनिकों के परिजनों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का त्याग सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा और राष्ट्र उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता।
गोपेश्वर में आयोजित हुआ 27वां कारगिल श्रद्धांजलि समारोह
चमोली जिले के मुख्यालय गोपेश्वर में भी कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
समारोह के मुख्य अतिथि कारगिल शहीद सतीश चंद्र के पिता महेशनंद सती रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, कर्नल हरेंद्र रावत, पूर्व सैनिक, शहीदों के परिजन, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
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देशभक्ति के रंग में रंगा समारोह
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में उपस्थित लोगों ने वीर जवानों के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
वक्ताओं ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों का बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उनकी वीरगाथाएं आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करती रहेंगी।
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चमोली के 11 वीर सपूतों को किया गया याद
श्रद्धांजलि समारोह में विशेष रूप से चमोली जिले के उन 11 वीर जवानों को नमन किया गया, जिन्होंने कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। वक्ताओं ने कहा कि इन वीर सपूतों ने न केवल चमोली, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाया है। उनका साहस, शौर्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
वीरभूमि उत्तराखंड ने फिर दोहराया शहीदों के प्रति सम्मान
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से शहीदों के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों की वीरगाथा भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है और राष्ट्र उनके सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
उत्तराखंड, जिसे लंबे समय से ‘वीरभूमि’ के रूप में जाना जाता है, ने एक बार फिर अपने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर यह संदेश दिया कि देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों का सम्मान और उनकी स्मृतियां सदैव अमर रहेंगी।