NEET पेपर लीक को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, रिया थापा के निवास से निकला कैंडल मार्च
देहरादून: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है। शनिवार को देहरादून में दिवंगत छात्रा रिया थापा की स्मृति में कैंडल मार्च और मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की।

रिया थापा को श्रद्धांजलि देकर शुरू हुआ कार्यक्रम
पूजा विहार स्थित रिया थापा के आवास से कैंडल मार्च की शुरुआत हुई। इसमें रिया के परिजन, स्थानीय लोग, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने रिया को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
‘पेपर लीक ने युवाओं का भरोसा तोड़ा’
कांग्रेस नेता वैभव वालिया ने कहा कि रिया थापा की मौत केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि मौजूदा परीक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है।
उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी उनके सपनों को प्रभावित कर रही है। सरकार को युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में शामिल हुए युवा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में शहर में मशाल जुलूस भी निकाला गया। इस दौरान छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग करते हुए रिया थापा को न्याय दिलाने की आवाज बुलंद की।
‘निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के लिए जारी रहेगी लड़ाई’
ज्योति रौतेला ने कहा कि युवाओं का आक्रोश यह दर्शाता है कि अब वे अपने भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी।
क्या है पूरा मामला?
देहरादून निवासी 23 वर्षीय रिया थापा का शव कुछ दिन पहले उनके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना गया। रिया ने 12वीं कक्षा में 97.6 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थीं। वह री-NEET परीक्षा की तैयारी में भी जुटी थीं।
रिया की मौत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर प्रदेश में बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को युवाओं के हितों से जुड़ा बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।