अल्मोड़ा: नगर निगम अल्मोड़ा की बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष के लिए 37.15 करोड़ रुपये का घाटे का बजट पेश किया गया। निगम की अनुमानित आय 36.32 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि प्रस्तावित व्यय इससे अधिक रखा गया है। बजट के साथ शहर की आधारभूत सुविधाओं, विकास कार्यों और निगम की आय बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

महापौर अजय वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक की शुरुआत उत्तराखंड सरकार द्वारा नामित आठ पार्षदों के शपथ ग्रहण से हुई। इसके बाद पार्षदों ने विभिन्न वार्डों से जुड़े करीब 300 विकास कार्यों के प्रस्ताव सदन के समक्ष रखे। बैठक में आय-व्यय का विस्तृत विवरण 10 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं पर जोर
बैठक में अतिक्रमण, पार्किंग व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन और शहर के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
महापौर अजय वर्मा ने कहा कि बोर्ड बैठक में उठाए गए सभी महत्वपूर्ण मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की आय बढ़ाने के साथ-साथ अल्मोड़ा को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर बनाने के लिए सभी पार्षदों के सहयोग से कार्य किया जाएगा।
विकास कार्यों को लेकर सदन में हंगामा
बैठक के दौरान विकास कार्यों को लेकर कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति भी बनी। पार्षदों ने पहले से स्वीकृत विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी न होने पर नाराजगी जताई और वार्डों की मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
बोर्ड बैठक के प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी, जिनमें शामिल हैं:
- निगम की आय बढ़ाने और व्यय नियंत्रण के लिए नई नियमावली तैयार करना।
- क्षतिग्रस्त सड़कों, नालियों, पुलियों और रेलिंग का निर्माण एवं मरम्मत।
- स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार और नए विद्युत पोल स्थापित करना।
- होटल क्षेत्रों के पास सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण।
- नगर निगम की दुकानों के किराये की समीक्षा।
- पार्किंग संचालन समिति का गठन तथा नई पार्किंग स्थलों के लिए सर्वे।
- कूड़ा प्रबंधन को सुदृढ़ करना और पर्यावरण मित्रों की संख्या बढ़ाना।
- आवारा पशुओं एवं गोवंश के लिए शेल्टर होम का निर्माण।
- पैदल पुलों का निर्माण।
- जल संस्थान के समन्वय से खराब हैंडपंपों की मरम्मत तथा जरूरत पड़ने पर पेयजल टैंकर उपलब्ध कराना।
- बिना लाइसेंस संचालित व्यवसायों पर कार्रवाई और अवैध होर्डिंग हटाना।
- पार्कों का सौंदर्यीकरण, नामकरण तथा स्ट्रीट लाइट और मेन पावर बॉक्स की नियमित देखरेख।
- प्रत्येक पार्षद को 5 लाख रुपये की विकास निधि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
- पार्षदों को 25 हजार रुपये मासिक भत्ता देने का प्रस्ताव।
10 घंटे तक चली बोर्ड बैठक
नगर निगम की बोर्ड बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई और रात 10 बजे तक चली। नगर निगम के 40 वार्डों से जुड़े विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं पर विस्तृत चर्चा के कारण बैठक करीब 10 घंटे तक चली। बैठक में नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा, सहायक नगर आयुक्त लक्ष्मण सिंह, प्रशासनिक अधिकारी सहित सभी 40 वार्डों के पार्षद उपस्थित रहे।