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सचिवालय सेवा के पांच अधिकारियों की नई तैनाती
शासन की ओर से जारी आदेश के तहत सचिवालय सेवा के पांच अनुभाग अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया है। इनमें रमेश जोशी, वंदना असवाल, विनीता पवार, कुंदन सिंह भंडारी और राकेश कुमार शामिल हैं।
तबादला आदेश के अनुसार:
- रमेश जोशी: सचिवालय प्रशासन से न्याय विभाग भेजे जाने के पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए उन्हें माध्यमिक शिक्षा अनुभाग में तैनाती दी गई है।
- वंदना असवाल: पर्यटन विभाग से न्याय विभाग के अनुभाग-दो में भेजा गया है।
- विनीता पवार: गृह विभाग से पर्यटन विभाग के अनुभाग-दो में तैनात किया गया है।
- कुंदन सिंह भंडारी: मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुभाग-चार से गृह विभाग के अनुभाग-चार में भेजे गए हैं।
- राकेश कुमार: श्रम विभाग से गृह विभाग के अनुभाग-पांच में तैनात किए गए हैं।
पांच साल से अधिक समय से एक ही अनुभाग में तैनात अधिकारी
सचिवालय में कई अनुभाग अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें एक ही अनुभाग में काम करते हुए पांच साल से अधिक समय हो चुका है। इसके बावजूद स्थानांतरण नीति के अनुरूप व्यापक स्तर पर तबादले नहीं हो पाए हैं। ऐसे अधिकारियों की तैनाती में बदलाव को लेकर शासन स्तर पर विचार किए जाने की बात सामने आ रही है।
सचिवालय सेवा के लिए पहले स्थानांतरण नीति तैयार की गई थी। इससे उम्मीद जगी थी कि अधिकारियों के तबादले निर्धारित नियमों के आधार पर नियमित रूप से किए जाएंगे। हालांकि, अब तक नीति के अनुरूप व्यापक बदलाव नहीं हो पाए हैं।
सचिवालय सेवा संघ भी उठा चुका है तबादलों का मुद्दा
सचिवालय सेवा संघ लंबे समय से अधिकारियों की तैनाती और स्थानांतरण में निर्धारित नियमों का पालन किए जाने की मांग करता रहा है। संघ का जोर इस बात पर रहा है कि अधिकारियों को स्थानांतरण नीति के प्रावधानों के अनुसार ही तैनाती दी जाए।
इसके बावजूद सचिवालय के कई अनुभागों में लंबे समय से अधिकारियों की तैनाती बनी हुई है। मौजूदा स्थिति में अनुभाग अधिकारी स्तर पर कई बदलाव किए जाने की जरूरत बताई जा रही है। इसके अलावा समीक्षा अधिकारियों के पदों पर भी व्यापक फेरबदल की आवश्यकता जताई जा रही है।
मुख्य सचिव के निर्देशों के बावजूद नीति लागू करने में चुनौती
गौरतलब है कि मुख्य सचिव आनंद वर्धन भी स्थानांतरण नीति लागू करने की बात कहते रहे हैं। इसके बावजूद सचिवालय में लंबे समय से एक ही अनुभाग में तैनात अधिकारियों के तबादलों का मुद्दा बना हुआ है।
हालिया पांच तबादलों से कुछ विभागों में जिम्मेदारियों में बदलाव जरूर हुआ है, लेकिन सचिवालय में स्थानांतरण नीति के पूर्ण अनुपालन को लेकर सवाल बरकरार हैं। अब देखना होगा कि शासन लंबे समय से एक ही अनुभाग में तैनात अधिकारियों और समीक्षा अधिकारियों के पदों पर व्यापक बदलाव को लेकर कब तक निर्णय लेता है।