पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलाश यात्रा पर आई तेलंगाना की 66 वर्षीय महिला श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। महिला अपने यात्रा दल के साथ कुटी पहुंची थीं और एक होमस्टे में ठहरी हुई थीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें गुंजी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, तेलंगाना निवासी मान्धा देवममा (66) आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए पिथौरागढ़ पहुंची थीं। बुधवार सुबह करीब सात बजे कुटी स्थित होमस्टे में उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई।
इसके बाद कुटी स्थित 36वीं वाहिनी आईटीबीपी पोस्ट पर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। प्राथमिक उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुंजी ले जाया गया।
डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
गुंजी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने महिला की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल टीम ने प्रथम दृष्टया मौत का संभावित कारण हार्ट अटैक बताया है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
घटना की सूचना प्रशासन को दी गई। धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी के अनुसार, महिला का शव धारचूला लाया गया है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
हाई एल्टीट्यूड में यात्रा के दौरान बरतें सावधानी
आदि कैलाश क्षेत्र उच्च हिमालयी इलाके में स्थित है, जहां ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन का स्तर कम और मौसम तेजी से बदलने वाला होता है। ऐसे में यात्रियों, विशेषकर उम्रदराज लोगों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता होती है।
यात्रा के दौरान सांस लेने में परेशानी, चक्कर, सिरदर्द, अत्यधिक थकान या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत यात्रा रोककर चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी जाती है।
आदि कैलाश यात्रा के लिए बढ़ी यात्रियों की आवाजाही
सितंबर के अंत में यात्रा मार्ग खुलने के बाद आदि कैलाश यात्रा के लिए यात्रियों की आवाजाही बढ़ी है। 29 सितंबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, धारचूला में रुके 500 से अधिक यात्रियों को इनर लाइन परमिट जारी कर यात्रा के लिए रवाना किया गया था।
हालांकि, कुटी और ज्योलिंगकोंग क्षेत्र में बर्फबारी के चलते कुछ समय के लिए आवाजाही पर रोक भी लगाई गई थी। आदि कैलाश यात्रा में मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से समय-समय पर व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाता है।
कहां स्थित है आदि कैलाश?
आदि कैलाश उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के व्यास घाटी क्षेत्र में स्थित है। इसे छोटा कैलाश और शिव कैलाश के नाम से भी जाना जाता है। भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित यह क्षेत्र धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए यात्रियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत इनर लाइन परमिट लेना होता है। मौसम और मार्ग की परिस्थितियों के आधार पर प्रशासन यात्रा और परमिट व्यवस्था को नियंत्रित करता है।