हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से सड़कों के गड्ढे भरने के लिए 15 अक्टूबर तक की समयसीमा तय किए जाने के बावजूद हल्द्वानी में इसका असर जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रहा है। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर अब भी गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पहले से स्वीकृत कई सड़क कार्यों पर भी अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।

लोक निर्माण विभाग के अनुसार, डिविजन के अंतर्गत 84 किलोमीटर सड़कों पर पेचवर्क कराया जाना है। इसमें से अब तक करीब 29 किलोमीटर सड़क के गड्ढे भरे जा चुके हैं, जबकि 55 किलोमीटर से अधिक हिस्से में काम बाकी है। इसके अलावा करीब 60 किलोमीटर से अधिक सड़कों का डामरीकरण भी अभी किया जाना है।
नैनीताल रोड पर गड्ढों से परेशानी
बरसात का मौसम खत्म होने के बावजूद शहर की सड़कों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। नैनीताल रोड पर एसडीएम कोर्ट के सामने वर्कशॉप लाइन मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
29 किलोमीटर सड़क पर हो चुका पेचवर्क
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 84 किलोमीटर सड़क पर गड्ढे भरने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक करीब 29 किलोमीटर सड़क पर पेचवर्क पूरा किया जा चुका है।
इनमें लामाचौड़ से कालाढूंगी तक का स्टेट हाईवे और कुंवरपुर गौलापार से चोरगलिया मार्ग भी शामिल हैं। शेष सड़कों पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाना है।
पहले हुए टेंडरों पर भी काम शुरू नहीं
शहर में पहले से टेंडर हो चुके कुछ सड़क कार्यों पर भी अभी काम शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं की ओर से विकास कार्यों के लिए खोदी गई सड़कों को भी दोबारा तैयार किया जाना है। विभाग का कहना है कि संबंधित विकास कार्य पूरे होने के बाद सड़कों पर डामरीकरण का काम क्रमवार किया जाएगा।
तय समय में गड्ढे भरने के निर्देश
लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रत्यूष कुमार ने बताया कि सड़कों के गड्ढे तय समयसीमा में भरने के निर्देश सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं को दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अन्य कार्यदायी संस्थाओं के विकास कार्य पूरे होने के साथ खोदी गई सड़कों को भी दुरुस्त किया जाएगा। इसके बाद सड़कों पर क्रमवार डामरीकरण का काम कराया जाएगा।