नैनीताल: ब्रह्मांड और खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 4 अक्टूबर की रात बेहद खास रहने वाली है। इस रात सौरमंडल का वलययुक्त ग्रह शनि पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब होगा और वर्ष 2026 में अपनी सबसे चमकीली अवस्था में दिखाई देगा। खगोल विज्ञान में इस स्थिति को शनि का अपोजिशन (विपरीत स्थिति) कहा जाता है।

सूर्यास्त के साथ पूर्वी आकाश में होगा शनि का उदय
वैज्ञानिकों के अनुसार, अपोजिशन उस स्थिति को कहते हैं जब पृथ्वी सूर्य और किसी बाहरी ग्रह के बीच आ जाती है। इस दौरान सूर्यास्त के आसपास शनि पूर्वी क्षितिज पर उदित होगा और पूरी रात आकाश में दिखाई दे सकेगा।
इस दौरान शनि मीन और सीट्स तारामंडल के बीच सुनहरी आभा के साथ चमकता नजर आएगा। पृथ्वी और शनि के बीच की दूरी घटकर करीब 1.26 अरब किलोमीटर रहने का अनुमान है।
बिना दूरबीन भी देख सकेंगे शनि
इस खगोलीय घटना को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। साफ मौसम और कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थान से शनि को सामान्य आंखों से देखा जा सकेगा।
हालांकि, शनि के प्रसिद्ध वलयों और उसके सबसे बड़े चंद्रमा टाइटन को स्पष्ट रूप से देखने के लिए छोटी या मध्यम क्षमता की दूरबीन उपयोगी रहेगी।
इस बार ज्यादा स्पष्ट दिखेंगे शनि के छल्ले
2025 में पृथ्वी से देखने पर शनि के वलय लगभग किनारे की स्थिति में थे, जिससे वे काफी कम स्पष्ट दिखाई दिए। इस बार शनि के छल्ले करीब 7.5 डिग्री के कोण पर झुके होंगे। इससे दूरबीन के जरिए वलयों का दृश्य पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और आकर्षक नजर आ सकता है।
खगोल विज्ञान के जानकारों के मुताबिक, शनि का अपोजिशन एक नियमित खगोलीय घटना है, लेकिन इसके दौरान ग्रह अपेक्षाकृत अधिक चमकीला दिखाई देता है। इस समय सूर्य, पृथ्वी और शनि की स्थिति ऐसी होती है कि शनि को देखने की परिस्थितियां बेहतर हो जाती हैं।
विज्ञान छात्रों और खगोलप्रेमियों के लिए खास मौका
विज्ञान केंद्र एरीज, नैनीताल के प्रभारी डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार, 2025 के बाद शनि के वलय अब पृथ्वी से देखने के कोण पर दोबारा अधिक खुलने लगे हैं। ऐसे में विज्ञान के छात्रों और खगोलप्रेमियों के लिए शनि के वलयों और उसके वायुमंडल का अध्ययन करने का यह एक अच्छा अवसर है।
डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि शनि का अपोजिशन नियमित घटना होने के बावजूद इसे देखने का अनुभव बेहद आकर्षक होता है, खासकर तब जब दूरबीन के जरिए इसके वलयों को स्पष्ट रूप से देखा जा सके।