देहरादून: उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने लंबे समय से प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे दुष्यंत गौतम को हटाकर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ सांसद बांसुरी स्वराज और राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

दुष्यंत गौतम की विदाई ऐसे समय हुई है जब पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्यों के संगठनात्मक प्रभार में व्यापक बदलाव किया है। भाजपा ने उत्तराखंड के लिए पहली बार एक प्रभारी के साथ दो सह-प्रभारियों वाली टीम बनाई है।
छह साल तक उत्तराखंड के प्रभारी रहे गौतम
भाजपा ने वर्ष 2020 में दुष्यंत कुमार गौतम को उत्तराखंड का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया था। उनके साथ रेखा वर्मा को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी। गौतम के कार्यकाल के दौरान भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई।
बाद के वर्षों में भी गौतम प्रदेश संगठन से जुड़े रहे। हालांकि, पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के दौरान अगस्त 2026 में उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली। इसके बाद उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी पद को लेकर भी बदलाव की अटकलें तेज हो गई थीं।
हल्द्वानी बैठक के बाद भी जारी रहे थे कयास
हाल ही में दुष्यंत गौतम भाजपा की हल्द्वानी में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति और कोर कमेटी की बैठक में शामिल हुए थे। उनकी मौजूदगी के बाद संगठन में उनके आगे भी बने रहने को लेकर चर्चाएं हुईं।
हालांकि, संगठन के भीतर उनकी भूमिका को लेकर अलग-अलग राय होने की चर्चा भी सामने आती रही। अंततः पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश प्रभारी बदलने का फैसला किया।
राम माधव को मिली उत्तराखंड की कमान
भाजपा ने अब राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी बनाया है। राम माधव इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं और पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। मौजूदा नियुक्ति के साथ उन्हें उत्तराखंड के अलावा तमिलनाडु का भी प्रभारी बनाया गया है।नई टीम में अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को सह-प्रभारी बनाया गया है। पार्टी के इस बदलाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।बांसुरी स्वराज का उत्तराखंड से पुराना पारिवारिक संबंध
सह-प्रभारी नियुक्त की गईं बांसुरी स्वराज दिल्ली से लोकसभा सांसद हैं। उनके परिवार का उत्तराखंड से भी राजनीतिक संबंध रहा है। उनकी दिवंगत मां और भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद रह चुकी थीं।
नई जिम्मेदारी के बाद बांसुरी स्वराज उत्तराखंड में पार्टी के संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
25 सितंबर को नई टीम की पहली कोर कमेटी बैठक
नई टीम की उत्तराखंड में पहली अहम बैठक 25 सितंबर 2026 को देहरादून में प्रस्तावित है। इसमें राम माधव, अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज प्रदेश कोर कमेटी के साथ बैठक करेंगे। बैठक में राज्यसभा चुनाव, आगामी विधानसभा चुनाव और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा प्रस्तावित है।
इस फेरबदल के बाद उत्तराखंड भाजपा का संगठन अब नई केंद्रीय टीम के नेतृत्व में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाएगा।