रुद्रपुर: ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के दहेज हत्या मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी पति शिशुपाल को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 15 गवाह पेश किए थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में ट्रांजिट कैंप निवासी रिंकी की शादी बरेली के कमुआ हाफिजगंज निवासी शिशुपाल से हुई थी। आरोप था कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से रिंकी पर दो लाख रुपये अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बनाया जा रहा था। दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे लगातार प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया।
रिंकी के पिता राम विलास ने शिकायत में बताया था कि सास, जेठानी और अन्य ससुरालियों की ओर से बेटी को परेशान किया जाता था। परिवार ने कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।
अभियोजन के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2022 को शिशुपाल ने रिंकी के साथ मारपीट की थी। इसके अगले दिन सुबह करीब चार बजे मायके वालों को उसकी मौत की सूचना मिली। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों के साथ अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे। साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने शिशुपाल को धारा 304-बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा-4 के तहत दोषी माना।
हालांकि, धारा 302 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा-3 के आरोपों में अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। इसके बाद दोष सिद्ध धाराओं में अदालत ने पति शिशुपाल को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।