देहरादून: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के कथित बयान को लेकर कांग्रेस और उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दोनों संगठनों ने बयान को छात्रों और युवाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए महेंद्र भट्ट से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के भीतर माफी नहीं मांगी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

कांग्रेस ने बयान पर जताई आपत्ति
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान महेंद्र भट्ट के कथित बयान को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि आंदोलनरत युवाओं के लिए इस्तेमाल की गई भाषा अनुचित है और इससे छात्रों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की भावनाएं आहत हुई हैं।
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर लंबे समय से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में केंद्र सरकार को बड़ा निर्णय लेना पड़ा। कांग्रेस का कहना है कि संबंधित बयान करोड़ों छात्रों और युवाओं का अपमान है।
उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने भी जताया विरोध
उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने भी महेंद्र भट्ट के कथित बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं और ऐसे युवाओं के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है।
राम कंडवाल ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब आंदोलनरत युवाओं को लेकर इस प्रकार की टिप्पणी की गई है। उनके अनुसार, पूर्व में भी पेपर लीक आंदोलन के दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं के संबंध में विवादित टिप्पणियां की गई थीं। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां लोकतांत्रिक आंदोलनों की छवि को प्रभावित करती हैं।
24 घंटे में माफी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने महेंद्र भट्ट से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। संगठन ने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो 48 घंटे बाद प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान महेंद्र भट्ट के इस्तीफे की मांग को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा।
प्रेमचंद अग्रवाल के बाद युवाओं को भाजपा अध्यक्ष ने कहे अपशब्द। pic.twitter.com/QjXcYfk0nN
— Uttarakhand Congress (@INCUttarakhand) July 25, 2026
राजनीतिक बहस का नया केंद्र बना विवाद
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक विवाद के बाद महेंद्र भट्ट के कथित बयान को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस और उत्तराखंड बेरोजगार संघ इसे युवाओं के सम्मान का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक हलकों में इस विवाद पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक भाजपा की ओर से महेंद्र भट्ट के कथित बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया था। ऐसे में अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर है कि भाजपा इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है और महेंद्र भट्ट की ओर से इस संबंध में कोई सफाई या सार्वजनिक बयान जारी किया जाता है या नहीं।