देहरादून: दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से एक मार्मिक मामला सामने आया है। 12 वर्षीय गुलशन पिछले दो महीनों से अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वार्ड में अकेला भर्ती है। जानकारी के अनुसार, सर्जरी के लिए साथ आए उसके बड़े भाई ने इलाज के दो दिन बाद उसे अस्पताल में छोड़ दिया और तब से वापस नहीं लौटा।

हरिद्वार से इलाज के लिए आया था
गुलशन 3 दिसंबर को अपने बड़े भाई के साथ हरिद्वार से देहरादून पहुंचा था। उसकी जांघ की हड्डी में चोट थी, जिसके चलते सर्जरी आवश्यक थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर उसे ऑर्थो वार्ड में भर्ती कर लिया।
संपर्क से बाहर हुआ परिजन
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन के दो दिन बाद भाई किसी काम से बाहर जाने की बात कहकर निकला, लेकिन फिर लौटकर नहीं आया। कई दिनों तक इंतजार के बाद नर्सिंग स्टाफ ने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, पर कॉल का कोई जवाब नहीं मिला।

स्थिति संदिग्ध लगने पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। अब पुलिस बच्चे के परिजनों की तलाश में जुटी है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
स्टाफ ने निभाई मानवीय जिम्मेदारी
इन दो महीनों के दौरान अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ ही बच्चे की देखरेख कर रहा है। उसे समय पर भोजन, दवाइयां और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। कर्मचारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बच्चा खुद को अकेला महसूस न करे।

यह मामला केवल एक परित्यक्त बच्चे की कहानी नहीं है, बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। साथ ही, अस्पताल कर्मियों की मानवीय पहल भी इस कठिन परिस्थिति में एक सकारात्मक पहलू के रूप में सामने आई है।