रुद्रपुर/काशीपुर। काठगोदाम थाना क्षेत्र के एक होटल में आत्महत्या करने वाले किसान सुखवंत सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक नगर काशीपुर पहुंचा। शव के आगमन के साथ ही परिजनों के घर पर भारी भीड़ जुट गई, जिसमें किसान, रिश्तेदार और स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी और चेतावनी दी कि यदि तय समय तक कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन ने इनमें से दो मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे दिया।

शुक्रवार शाम को शव के घर आने के बाद परिवार ने तीन मांगों को लेकर 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। सोमवार सुबह एसडीएम काशीपुर अभय प्रताप सिंह, एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह और एडिशनल एसपी/सीओ दीपक सिंह के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन ने परिवार से वार्ता की।
एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि परिवार की मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लिया है और कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में मजिस्ट्रेटी जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि परिजनों की मांगों के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई और धनराशि की रिकवरी के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
किसान नेता जितेंद्र सिंह ‘जीतू’ ने बताया कि प्रशासन ने 3 करोड़ 80 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी में से 25 प्रतिशत राशि पहले ही परिवार को दे दी है। शेष 75 प्रतिशत रकम की वसूली के लिए प्रशासन ने 19 जनवरी तक का समय मांगा है, जो 20 जनवरी को होने वाले भोग से एक दिन पहले है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय तक शेष राशि नहीं दी गई तो परिवार हाईवे जाम कर आंदोलन करेगा।
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने भी किसान की आत्महत्या मामले में सरकार को निशाने पर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं, जिसकी निगरानी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत करेंगे।