पौड़ी गढ़वाल जिले में पुलिस महकमे से जुड़ा बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। एसएसपी सर्वेश पंवार द्वारा जारी किए गए बड़े पैमाने पर तबादला आदेश को आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है और इसे दो आईपीएस अधिकारियों के बीच मतभेद के रूप में देखा जा रहा है।

एसएसपी पौड़ी ने जिले में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कॉन्स्टेबल से लेकर सब-इंस्पेक्टर स्तर तक के सैकड़ों पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए थे। आदेश सामने आते ही मामला विवादों में आ गया और उच्च स्तर तक पहुंच गया। पूरे प्रकरण की समीक्षा के बाद आईजी गढ़वाल ने इन आदेशों को पुलिस अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत मानते हुए रविवार देर रात निरस्त कर दिया।
पूरा मामला क्या है:
पुलिस विभाग में लंबे समय से तैनात कर्मियों को स्थानांतरित करने के उद्देश्य से एसएसपी ने यह कदम उठाया था, लेकिन एक साथ बड़ी संख्या में तबादले होने के कारण नियमों और प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए। इसके बाद आईजी गढ़वाल ने मामले का संज्ञान लिया और आदेशों को रद्द करने का निर्णय लिया।
आईजी राजीव स्वरूप का परिचय:
राजीव स्वरूप गढ़वाल रेंज के आईजी के रूप में तैनात हैं और 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें एक सख्त और सक्रिय अधिकारी माना जाता है। चारधाम यात्रा, राष्ट्रीय खेलों की सुरक्षा व्यवस्था, नशे के खिलाफ अभियान और यातायात नियमों के सख्त पालन जैसे मामलों में उनकी भूमिका पहले भी सराही गई है।
एसएसपी सर्वेश पंवार का परिचय:
2019 बैच के आईपीएस अधिकारी सर्वेश पंवार को एक शालीन और अनुशासित अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वे देहरादून में एसपी क्राइम और ट्रैफिक जैसे अहम पदों पर काम कर चुके हैं। अक्टूबर में पौड़ी गढ़वाल की जिम्मेदारी संभालने के बाद वे जिले की पुलिस व्यवस्था में सुधार की दिशा में सक्रिय थे।
तबादला आदेश निरस्त होने के बाद अब यह मामला देहरादून तक पहुंचने की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं पुलिस विभाग में दो आईपीएस अधिकारियों के बीच मतभेद की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण पर आगे की कार्रवाई को लेकर सबकी नजर बनी हुई है।