

मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित विद्यार्थियों में हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 छात्र-छात्राएं शामिल रहे। हाईस्कूल में अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, इंटरमीडिएट में गीतिका पंत और सुशीला मेहंदीरत्ता ने 98 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान हासिल किया।
हाईस्कूल और इंटर के तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्य सम्मानित
समारोह में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में बेहतर परिणाम देने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र और मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री धामी ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके साथ ही शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग ने भी उनकी उपलब्धि में योगदान दिया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में उत्तराखंड का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 92.10 प्रतिशत, जबकि इंटरमीडिएट का परिणाम 85.11 प्रतिशत रहा।
शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसमें नैतिक मूल्य, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान भी शामिल होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड इस नीति को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है।
प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं और सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं। सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं देने के लिए 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य भौगोलिक दूरी के बावजूद विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री और मार्गदर्शन पहुंचाना है।
नंदा गौरा योजना के तहत पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये
मुख्यमंत्री ने बालिकाओं और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए संचालित योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत 12वीं पास पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं, मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
धामी ने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब डिजिटल साक्षरता, वित्तीय जागरूकता, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और जीवनोपयोगी कौशल को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
विद्यार्थियों से प्रदेश और देश का नाम रोशन करने की अपील
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण के बल पर भविष्य में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ जीवन में अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी को भी महत्व देने की अपील की।
समारोह में मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों को सम्मानित करने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने तथा प्रदेश की शैक्षिक उपलब्धियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।