
हरिद्वार। हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने की कवायद तेज कर दी है। हालांकि, त्योहारी सीजन के दौरान श्रमिकों के अपने घर लौटने से निर्माण कार्यों की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को वैकल्पिक श्रमिकों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों की कमी के कारण सड़कों, पुलों और घाटों सहित कुंभ से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए।

शुक्रवार शाम मेला नियंत्रण भवन स्थित सीसीआर सभागार में गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही प्रस्तावित नए कार्यों और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि वे त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों की उपलब्धता का आकलन करें और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त मजदूरों की तैनाती सुनिश्चित करें। इसके अलावा निर्माण कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए मशीनरी और निर्माण सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
जरूरत के अनुसार दिन-रात चलेंगे निर्माण कार्य
कुंभ मेले के निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रशासन अब जरूरत के अनुसार दिन और रात की शिफ्ट में काम कराने की तैयारी में है। मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और निर्माण स्थलों पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान निकालें।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेले से जुड़े निर्माण कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। श्रमिकों की कमी, निर्माण सामग्री की अनुपलब्धता या मशीनरी की समस्या के कारण कार्यों की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करते हुए कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
20 अक्टूबर से बंद होगी गंगनहर, घाटों के निर्माण को मिलेगी गति
कुंभ मेले की तैयारियों के लिहाज से गंगनहर की प्रस्तावित बंदी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से गंगनहर बंद की जाएगी। दिवाली के दिन नहर में दोबारा पानी छोड़े जाने का कार्यक्रम है।
नहर बंद रहने की इस अवधि का उपयोग हरिद्वार में घाटों से संबंधित निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए किया जाएगा। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहर बंद होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग किया जा सके।
गंगनहर बंदी से पहले जुटाने होंगे श्रमिक और संसाधन
गंगनहर बंद रहने के दौरान घाटों के निर्माण कार्यों पर विशेष जोर रहेगा। इसके लिए श्रमिकों की उपलब्धता, निर्माण सामग्री और आवश्यक मशीनरी की व्यवस्था पहले से करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि नहर बंद होने के बाद संसाधनों की कमी के कारण निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट न आए। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती और दिन-रात काम कराकर निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूरे करने की योजना है।
गंगनहर बंदी की अवधि सीमित होने के कारण संबंधित विभागों को निर्माण कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने और उपलब्ध समय का प्रभावी उपयोग करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
रोजाना हो रही कुंभ तैयारियों की समीक्षा
बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण स्थलों पर श्रमिकों और संसाधनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है और तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है।
बैठक में पहले से संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति के साथ नए कार्यों की स्वीकृति से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आवश्यक औपचारिकताओं को समय पर पूरा किया जाए, ताकि स्वीकृत कार्यों को शुरू करने में देरी न हो।
समयसीमा और गुणवत्ता पर प्रशासन का जोर
कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन का मुख्य फोकस निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने, श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर है। त्योहारी सीजन में संभावित श्रमिक संकट को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था और गंगनहर बंदी की अवधि का बेहतर इस्तेमाल महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरे करने के साथ उनकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित करें, ताकि कुंभ मेले से पहले आवश्यक बुनियादी सुविधाएं तैयार की जा सकें।