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छह साल बाद बदलेगी विद्युत आपूर्ति संहिता
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2020 में विद्युत आपूर्ति संहिता लागू की थी। इसमें उपभोक्ताओं को नया बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया, निर्धारित समय-सीमा और संबंधित शुल्क तय किए गए थे।
इसके अलावा निर्बाध बिजली आपूर्ति, मीटर लगाने और उनकी जांच, बिजली बिल तैयार करने, मीटर रीडिंग, बिजली चोरी तथा स्वीकृत भार में वृद्धि या कमी से जुड़े नियम भी निर्धारित किए गए थे। कनेक्शन काटने और दोबारा जोड़ने के साथ उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए भी प्रावधान किए गए थे।
अब छह साल बाद नई संहिता के माध्यम से इन नियमों में आवश्यक बदलाव शामिल किए जाएंगे। आयोग के तकनीकी सदस्य प्रभात किशोर डिमरी के अनुसार, नई संहिता में इस अवधि के दौरान हुए बदलावों को शामिल करने की तैयारी है।
स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी पकड़ने के लिए बनेंगे नियम
नई विद्युत आपूर्ति संहिता में स्मार्ट मीटर से जुड़े उपभोक्ता अधिकारों और बिजली चोरी की पहचान करने की प्रक्रिया को भी शामिल किया जाएगा।
इसके तहत स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली चोरी का पता लगाने के मानक तय किए जाएंगे। साथ ही चेक मीटर लगाने या अन्य तकनीकी उपायों से संबंधित प्रावधान भी किए जा सकते हैं। इससे बिजली चोरी की पहचान और उससे जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित करने में मदद मिलेगी।
आवासीय सोसाइटी में अलग बिजली कनेक्शन की व्यवस्था
नई संहिता में आवासीय सोसाइटी में पृथक बिजली कनेक्शन लेने की व्यवस्था को भी शामिल किया जाएगा। अभी तक कई सोसाइटियों में बिजली की आपूर्ति बल्क सप्लाई के माध्यम से की जाती है।
जानकारी के अनुसार, विद्युत नियामक आयोग ने हाल ही में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान व्यवस्था दी थी कि यदि किसी आवासीय सोसाइटी के 50 प्रतिशत निवासी सहमत हों, तो वे अलग बिजली कनेक्शन ले सकते हैं। निर्धारित समर्थन नहीं मिलने की स्थिति में सोसाइटी के लिए बल्क सप्लाई की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
आयोग इस प्रावधान को नई विद्युत आपूर्ति संहिता में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। इससे सोसाइटियों में बिजली कनेक्शन की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध हो सकेंगे।
ड्राफ्ट जारी होने के बाद मांगे जाएंगे सुझाव
नई विद्युत आपूर्ति संहिता लागू करने से पहले आयोग इसका मसौदा जारी करेगा। इसके बाद बिजली उपभोक्ताओं, विद्युत वितरण कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी जाएंगी।
प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद आयोग आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा। नई संहिता लागू होने के बाद बिजली कनेक्शन, मीटरिंग, बिलिंग और बिजली आपूर्ति से जुड़े विभिन्न मामलों के लिए संशोधित नियम प्रभावी होंगे।
फिलहाल नई संहिता का ड्राफ्ट जारी होना बाकी है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए लागू होने वाली अंतिम व्यवस्था और नियमों की विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी।